अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भारत के नेपाली भाषा भाषियों के संगठन हाम्रो स्वाभिमान न्यास का तीन दिवसीय योग शिविर और चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि इस न्यास का मकसद नेपाल भाषी लोगों को एक सूत्र में लाना है।
नौ जुलाई तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश भर के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले करीब दो हजार नेपाली भाषी लोग भाग ले रहे हैं। शिविर के दौरान योग, आयुर्वेद के शिक्षण के साथ-साथ शिक्षा, चिकित्सा और स्वावलंबन के सहारे सशक्त और समृद्धिशाली बनाने पर चिंतन किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। बाबा रामदेव ने कहा कि हाम्रो स्वाभिमान न्यास देश भर में अपने-अपने ढंग से संघर्षरत नेपाल भाषी लोगों को एक सूत्र में लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा पतंजलि योगपीठ देश के प्रत्येक नागरिक को योग, आयुर्वेद, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वदेशी, अनुसंधान के माध्यम से स्वस्थ और समृद्ध बनाने के साथ ही देशभर के नेपाली भाषा-भाषियों के उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान करने को प्रतिबद्ध है।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा बिछड़ों को मिलाना और पिछड़ों को उठाना पतंजलि का संकल्प है। उन्होंने कहा देश के भिन्न-भिन्न प्रांतों में अपने ढंग से जीवन जी रहे नेपाली भाषा-भाषियों को एक मंच मिलने पर उनमें सृजन के लिए नया उत्साह जन्म लेगा। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हाम्रो स्वाभिमान न्यास इस दिशा में न केवल सशक्त प्लेटफार्म साबित हो रहा है, बल्कि भावी पीढ़ी को सही दिशा मिले इस बारे में योग, आयुर्वेद और अनुसंधान की दिशा में पतंजलि हर संभव प्रयास करेगा। हाम्रो स्वाभिमान न्यास के महामंत्री प्रेम क्षेत्रीय ने कहा पतंजलि अभियान से योग और आयुर्वेद को नई ऊंचाई मिली और विश्व स्तर पर ऋषियों की विरासत प्रतिष्ठित हो रही है। इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष नारायण श्रेष्ठ, महामंत्री श्री प्रेमकुमार क्षेत्री, संयुक्त मंत्री मोहन कार्तिक, खेल सचिव देवेंद्र दत्त, कला संस्कृति सचिव शिवलाल गेवाली आदि ने अपने विचार रखे।