अजब सिंह, सेवाराम
पथरी/धनौरी।
केवल श्यामपुर और लालढांग क्षेत्र में ही नहीं बल्कि जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी नमामि गंगे और स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए जा रहे शौचालयों का प्रयोग नहीं हो रहा है। ग्रामीण शौचालय का प्रयोग घरेलू सामान रखने के लिए कर रहे हैं। वहीं धनौरी क्षेत्र में कई गांव में शौचालयों का निर्माण अधूरा पड़ा है।
पथरी क्षेत्र के बादशाहपुर, रानी माजरा, जियापोता आदि गांव में नमामि गंगे और स्वच्छ भारत अभियान के तहत काफी संख्या में शौचालय बनाए गए। शौचालय बनने के बाद भी ग्रामीण इनका प्रयोग नहीं कर रहे। गांवों के लोग आज भी खुले में शौच कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर शौचालय में लकड़ी भरी पाई गई तो कुछ जगह घरेलू सिलेंडर और अन्य सामान भरा मिला। बादशाहपुर निवासी मांगेराम, चतर सिंह, धारा सिंह, राधा देवी, नरेश कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि इन शौचालय के गड्ढों की गहराई काफी कम है। इसलिए इनका प्रयोग नहीं किया जा रहा है। बार बार सफाई कराने में ज्यादा खर्चा आता है। वहीं क्षेत्र के शेरपुर गांव में अभी पंद्रह लोगों के यहां, भट्टीपुर में बीस और बादशाहपुर में करीब तीस परिवारों के यहां शौचालय नहीं बने हैं।
उधर धनौरी क्षेत्र में शिवदासपुर, तेल्लीवाला, रिठौराग्रंट, धनौरा, धनौरी आदि गांव में कई परिवारों के यहां योजना के अंतर्गत बनाएं जा रहे शौचालय बीच में ही रोक दिए गए है। जबकि कागजों में शौचालय बने हुए दिखाए गए हैं। ग्रामीण प्रदीप कुमार, संदीप कुमार का कहना है कि ठेकेदार द्वारा बीच में ही कार्य रोक दिया गया है।