भाजपा की ओर से मोदी फेस्ट के जरिए केंद्र की मोदी सरकार का गुणगान तो खूब किया जा रहा है, लेकिन प्रदेश के विधायक एवं सरकार में शामिल मंत्री खुद पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। आलम यह है कि घोषणा पत्र में लिखने के बावजूद अन्नदाता किसान का 15 दिन तो दूर ढाई माह की सरकार में एक धेले का बकाया भुगतान भी नहीं किया गया है। कर्ज माफी की तो उम्मीद ही नहीं है। इससे किसानों में सरकार के खिलाफ गहरा रोष पनपता जा रहा है।
भाजपा की ओर से अपने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों की अहम समस्या शुगर मिलों से 15 दिनों में भुगतान कराने एवं कर्ज माफी का ऐलान किया गया था, लेकिन सरकार की ओर से ढाई माह गुजर जाने के बाद भी न भुगतान कराया जा रहा है और न ही कर्ज माफी। उल्टे जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से इकबालपुर मिल एवं लिब्बरहेड़ी शुगर मिल की ओर से एक धेले का भी भुगतान नहीं किया गया है। जिससे किसान अपने खून-पसीने की कमाई का गन्ना बेचकर भी अपना पैसा नहीं मिलने से हलकान एवं परेशान नजर आ रहा है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के पदाधिकारी, विधायक, सांसद एवं मंत्री तथा मुख्यमंत्री तक तीन साल की मोदी सरकार के मोदी फेस्ट कार्यक्रम में केवल और केवल मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान कर रहे हैं। प्रदेश की सरकार की ढाई माह की कोई उपलब्धि नहीं गिनाई जा रही है और तो और जब भाजपाइयों एवं सरकार में शामिल लोगों से किसानों के गन्ने का 15 दिन में भुगतान एवं कर्ज माफी की बात पूछी जाती है तो वह या तो चुप्पी साध लेते हैं या फिर इधर-उधर की बातें बताकर मामला घुमा देते हैं। शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में पूर्व सीएम एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक प्रदीप बत्रा एवं जिलाध्यक्ष डा. कल्पना सैनी भी दोनों मुद्दों पर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए ।