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नए साल में शहरवासियों के लिए अच्छी खबर

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हरिद्वार। नमामि गंगे योजना के तहत हो रहे आठ सौ करोड़ के कार्यों की रफ्तार से उम्मीद है कि नए साल में शहर के लोगों के साथ बाहर से आने वाले तीर्थ यात्रियों को सीवर की गंदगी और गंदे नालों की दुर्गंध से मुक्ति मिल जाएगी। सीवर लाइन बिछरने और सीवरेज पंपिंग स्टेशन निर्माण से गंगा में प्रदूषण भी कम होगा और श्रद्धालु निर्मल गंगा में डुबकी लगाएंगे।
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नमामि गंगे मिशन में जिन 800 करोड़ रुपये लागत के कार्यों का शिलान्यास पिछले महीने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने किया, उनमें से 41388.19 करोड़ रुपये लागत के कार्य पेयजल निगम की निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) द्वारा शिलान्यास से पहले ही शुरू करा दिए गए थे। अब इन कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है और दिसंबर 2018 तक पूरा कराने का लक्ष्य है। इससे निर्मल, अविरल और स्वच्छ गंगा का सपना साकार करने के एक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।
तीन महीने की अवधि में जगजीतपुर में पंपिंग स्टेशन का 60 प्रतिशत, गंगा में जा रहा पीडब्ल्यूडी नाला टेपिंग का और सीवेज पंपिंग स्टेशन का निर्माण 80 प्रतिशत और आवास विकास रानीपुर मोड़ में नाला टेपिंग और सीवरेज पंपिंग स्टेशन का 40 प्रतिशत निर्माण कार्य हो चुका है। इसी प्रकार ज्वालापुर में 19 किमी लंबी सीवर लाइन डालने का कार्य ने तेजी पकड़ ली है और 4 किलोमीटर सीवर लाइन अहबाबनगर क्षेत्र में डाली जा चुकी है। स्वीकृत योजना में जगजीतपुर में 68 और ज्वालापुर सराय में 14 एमएलडी के नए सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) का निर्माण भी शामिल हैं। 41388.19 करोड़ की जिन 6 योजना का काम होना है। उनमें गंगा में गिर रहे कस्सावान, रामरक्खा और पांडेवाला ज्वालापुर के नालों की टेपिंग और ललतारौ नाला टेपिंग का कार्य भी शामिल है। 9300 मीटर नई राइजिंग मेन लाइन भी डाली जानी है।
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सीवर लाइन के लिए बनेंगे तीन पुल
सीवर लाइन को गंगा से पार ले जाने के लिए भी पुलों का निर्माण कराए जाने की योजना है। नमामि गंगे की स्वीकृत योजना में सीवर लाइन ले जाने के लिए तीन पुलों का निर्माण शामिल हैं। एक पुल डामकोठी मायापुर में गंगनहर, दूसरा आवास विकास और तीसरा पुल हाईवे पर गंगनहर के सिल्ट इंजेक्टर पर बनेगा।
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इन क्षेत्रों में डाली जानी है राइजिंग मेन
योजना में स्वीकृत 9300 मीटर लंबी राइजिंग मेन लाइन पीडब्ल्यूडी क्षेत्र, जोन सी, नया एमपीएस जगजीतपुर, आवास विकास, भीमगोडा, कांगड़ा मंदिर, ब्रह्मपुरी, मायापुर, पीडब्ल्यूडी पुराना, कनखल में डाली जानी है। इसके अलावा दो हजार मीटर ग्रेविटी सीवर लाइन ललतारौ, मातृसदन व जगजीतपुर में डाली जानी है।
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2961.10 करोड़ का फैन्सिंग कार्य होगा
नालों में कोई कूड़ा कचरा नहीं डाल पाए इसके लिए उन पर जाली लगाने का कार्य कराया जाना है। जिन नालों में यह कार्य होना हैं उनमें भीमगोडा नाला, मायापुर नाला, पीडब्ल्यूडी नाला, ललतारौ नाला, लाटोवाली नाला, जगजीतपुर नाला व आवास विकास नाला शामिल हैं। कुछ नाला व घाटों का सुंदरीकरण भी कराया जाना योजना में शामिल हैं।
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2033 तक की आवश्यकता होगी पूरी
निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) हरिद्वार के अधिशासी अभियंता आरके जैन का कहना है कि नमामि गंगे में 2033 तक की आबादी की आवश्यकता के आधार पर योजना को तैयार किया गया है। स्वीकृत 800 करोड़ रुपये लागत योजना में से जिन 41388.19 करोड़ की योजना पर का चल रहा है और तीन महीने में अवमुक्त 1199.29 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। कार्यों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कार्यस्थल पर पैनी नजर रखी जा रही है और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इन योजनाओं के पूरा होने से मोक्षदायिनी गंगा का जल स्वच्छ व निर्मल बनाने में मदद मिलेगी। गंदे नालों से तो गंगा को मुक्ति दिलाई जाएगी।
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