हरिद्वार। अखाड़ा परिषद की ओर से तीन और संतों को फर्जी घोषित करने की अखिल भारतीय संत समिति ने आलोचना की है। समिति ने फिर कहा है कि अखाड़ा परिषद नाटक करना छोड़े और अखाड़ों में छिपे बाबाओं को फर्जी घोषित करे। ऐसे व्यक्तियों को संत बताकर फर्जी घोषित करने का कोई अर्थ नहीं है, जो वास्वत में किसी संत परंपरा से नहीं आते।
अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबा हठयोगी दिगम्बर ने बयान जारी करते हुए कहा कि अखाड़ा परिषद उन व्यक्तियों को संत बताकर फर्जी बता रही है जिनका संत समाज से कोई लेना देना नहीं है। ये व्यक्ति अपने दम पर लोगों को प्रभावित कर रहे हैं और महिलाओं की अस्मत लूट रहे हैं। इनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई या तो प्रशासन करे या पुलिस। जब वे किसी भी अखाड़ा परंपरा अथवा षड्दर्शन परंपरा से नहीं आते तब उन्हें बाहर निकालने का क्या मतलब। हठयोगी ने कहा कि जब पहली बार अखाड़ा परिषद ने सूची जारी की थी तब भी उन्होंने अध्यक्ष से आपत्ति व्यक्त की थी। उसके बावजूद ऐसी ही दूसरी सूची जारी कर दी गई।
बाबा हठयोगी ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि बताएं कि क्या अखाड़ों में कोई फर्जी साधु नहीं है। क्या अखाड़े के किसी बाबा के खिलाफ थानों में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। क्या बाबा अदालतों में खड़े होकर अपने मुकदमें नहीं लड़ रहे। यदि ऐसा है तो अखाड़ा परिषद अपने सभी बाबाओं के लिए क्लीन चिट जारी करे। अन्यथा अगली सूची अखाड़ों से जानी होनी चाहिए।