हरिद्वार। पूरे साल सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था पटरी से उतरी रही तो साल के अंत में मौजूदा डाक्टर अवकाश पर चले गए। शनिवार को जिला अस्पताल में सीएमएस के साथ ही सर्जन, बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ अवकाश पर रहे। इससे मरीजों को ओपीडी में परामर्श तक नहीं मिल सका। मरीजों को अस्पताल से बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा।
शहर के तीनों सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पा रहा है। पिछले दिनों जिलाधिकारी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि एक साथ ज्यादा डाक्टरों को छुट्टी न दी जाए। विभागीय अधिकारियों ने डीएम के निर्देशों को भी ठेंगे पर रख दिया। यही कारण है कि अस्पतालों को मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।
शनिवार को जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एके सैंगर, सर्जन डा. अरुण कुमार पांडेय, बाल रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति पाठक अवकाश पर रहे। इन डाक्टरों के पास आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में डाक्टरों के अवकाश पर होने की सूचना उनकी ओपीडी के बाहर तो चस्पा है, लेकिन पर्चा काउंटर पर सूचना न होने से मरीजों ने 19 रुपये का पर्चा तो बनवा लिया, लेकिन डाक्टरों के अवकाश पर होने से उनके 19 रुपये बेकार गए।