श्रीनगर। गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो.जेएल कौल को पदमुक्त करने के बाद प्रभारी कुलपति को लेकर संशय बना हुआ है। हालांकि विवि में प्रतिकुलपति के तौर पर प्रो. डीएस नेगी कार्यरत हैं, लेकिन कुछ वरिष्ठ प्रोफेसरों के साथ ही कर्मचारियों के एक गुट ने उनकी नियुक्ति को अवैधानिक बताया है। वहीं प्रभारी कुलसचिव डा. एके मोहंती ने एमएचआरडी से स्पष्ट निर्देश मिलने पर ही अग्रिम कार्रवाई करने की बात कही है।
गढवाल विवि के कुलपति प्रो. जेएल कौल को केंद्र सरकार ने पद से हटा दिया है। उसके बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि विवि में कुलपति का कार्यभार किसे सौंपा जाए। विवि में प्रो. डीएस नेगी प्रतिकुलपति पद पर कार्यरत हैं, लेकिन कुछ वरिष्ठ प्रोफेसरों व कर्मचारियों के एक गुट ने उनकी नियुक्ति को अवैधानिक बताया है। उन्होंने प्रभारी कुलसचिव डा. एके मोहंती से मुलाकात कर एमएचआरडी को यथास्थिति स्पष्ट करने को कहा। इस गुट का कहना है कि नियमानुसार वरिष्ठतम प्रोफेसर को ही कुलपति का कार्यभार सौंपा जाना चाहिए। हालांकि प्रभारी कुलसचिव डा. एके मोहंती ने कहा के एमएचआरडी से स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
कुलसचिव मामले में सुनवाई तीन को
गढ़वाल विवि के कुलसचिव निलंबन मामले में हाईकोर्ट में तीन जनवरी को सुनवाई होगी। निलंबित कुलसचिव डा. एके झा ने अपने निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। विवि के पूर्व कुलपति प्रो. जेएल कौल ने डा. झा को निलंबित कर दिया था।
कुलपति व कुलसचिवव विहीन हुआ विवि
गढ़वाल विवि के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब विवि में कुलपति व कुलसचिव नहीं है। गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. कौल को केंद्र सरकार ने पद से हटा दिया है। जबकि कुलसचिव डा. झा निलंबित हैं।