गोपेश्वर। प्रस्तावित छुरागाड-कनोल मोटर मार्ग से लाभान्वित करने की मांग को लेकर प्राणमती, सरमा, लेटाला और बड़गुना तोकों के ग्रामीण एकजुट हुए और कलेक्ट्रेट परिसर में क्रमिक धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की सर्वे रिपोर्ट बदलने के बाद ही आंदोलन स्थगित किया जाएगा।
बुधवार को चार गांवों के ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किया और कुंदन राम, खीम सिंह, खीलापी राम, पदमी राम, मान सिंह, मेहरबान, भरत सिंह, कस्तूरा देवी, तारा, सीता, धनमती देवी, त्रिलोक, हिरवा राम और प्रकाश भंडारी क्रमिक धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत छुरागाड से कनोल तक साढ़े दस किलोमीटर सड़क निर्माण प्रस्तावित है। पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की ओर से सड़क की नापजोख की गई है, उसमें क्षेत्र के अधिकांश गांव सड़क से वंचित रह रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण कार्य सितेल से लेटाला, प्राणमती, मानी, सरमा, बणगुना, फितोली, फाकी और घरकटाई तोकों से होते हुए कनोल तक ले जाने की मांग उठाई। ताकि अधिकाधिक ग्रामीणों को सड़क का लाभ मिल सके। कहा कि मांग को लेकर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इधर, जिलाधिकारी आशीष जोशी का कहना है कि इस संबंध में पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से बात की जा रही है। इस मौके पर गबरु राम, भगत सिंह, भरत, कमला, आलम सिंह, जेठुली देवी, विमला, दुलपी राम, जसपाल सिंह, पुष्पा, पान सिंह, चंद्री राम, चंद्र सिंह, भारती आदि मौजूद थे।