फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाईपास मार्ग पर जोशीमठ और पांडुकेश्वर के लोग आमने-सामने

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गोपेश्वर। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग को लेकर जोशीमठ और पांडुकेश्वर के ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं। जोशीमठ के लोग जहां हाईवे का विरोध करते हुए हाईवे को नृसिंह मंदिर से होकर बदरीनाथ ले जाने की मांग कर रहे हैं, वहीं पांडुकेश्वर गांव के ग्रामीण हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग के समर्थन में हैं। बुधवार को पांडुकेश्वर के ग्रामीणों ने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा गया कि हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को वाहनों के जाम से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही उन्हें 24 किलोमीटर की दूरी कम नापनी पड़ेगी।
विज्ञापन

पैनखंडा संघर्ष समिति के बैनर तले जोशीमठ में बाईपास के विरोध में आंदोलन चल रहा है। जोशीमठ के ग्रामीणों का कहना है कि बाईपास बनने से यहां का रोजगार खत्म हो जाएगा। इसे देखते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट, जोशीमठ पालिकाध्यक्ष रोहिणी रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से भेंट की थी। इस पर केंद्रीय परिवहन मंत्री ने ऑलवेदर रोड परियोजना का जोशीमठ के समीप दोबारा सर्वेक्षण कराने का आश्वासन दिया है। इसी बात को लेकर अब पांडुकेश्वर के ग्रामीण आक्रोशित हैं। पांडुकेश्वर की प्रधान सतेश्वरी देवी, बदरीनाथ के नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद शर्मा, वन सरपंच सरिता देवी, महिला मंगल दल की पूर्व अध्यक्ष रमा भंडारी, जगजीत मेहता, राजेश मेहता, बलदेव मेहता, कृष्णा भंडारी और जसवीर मेहता का कहना है कि कुछ लोग बाईपास मार्ग पर राजनीति कर रहे हैं। हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग बनने से यात्रा के साथ ही चीन सीमा पर हमारे सैनिकों की पहुंच आसान हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें