श्रीनगर। तहसील प्रशासन व एनआईटी प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुमाड़ी में एनआईटी के लिए चयनित भूमि व समीपवर्ती गांवों में चिह्नित भूमि का निरीक्षण किया। टीम ने ग्रामीणों से भी वार्ता की। ग्रामीणों ने पंचायत कर अपना निर्णय बताने की बात कही है।
सुमाड़ी में एनआईटी स्थायी परिसर निर्माण के लिए प्रगतिशील जन मंच लंबे समय से आंदोलित है। एक माह पहले काबीना मंत्री प्रकाश पंत के जनता दरबार में प्रजमं के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने एनआईटी परिसर का मामला उठाया था। मुख्यमंत्री भी एनआईटी सुमाड़ी में ही बनाने की बात कह चुके हैं। मंगलवार एसडीएम मायादत्त जोशी, तहसीलदार सुनील राज, एनआईटी निदेशक एसएल सोनी, कुलसचिव कर्नल सुखपाल ने सुमाड़ी मे चयनित भूमि व तहसील प्रशासन की ओर से जलेथा, हरकंडी व दत्ताखेत में चिह्नित भूमि का निरीक्षण किया। तहसीलदार सुनील राज ने बताया कि जलेथा व हरकंडी के ग्रामीणों से भी जमीन के बारे में बात की गई है। जलेथा के ग्रामीणों ने मुआवजे के साथ ही रोजगार की शर्त पर जमीन देने पर सहमति जताई। हालांकि ग्रामीणों ने पंचायत कर अपना निर्णय बताने की बात कही है। वहीं एनआईटी के निदेशक प्रो. एसएल सोनी ने कहा कि भूमि को लेकर केंद्र व राज्य सरकार को निर्णय लेना है। जब उन्हें भूमि मिल जाएगी तो वह कार्य शुरू कर देंगे।
आज होगी गोलापार्क में सभा
सुमाड़ी में एनआईटी स्थायी परिसर निर्माण के लिए प्रजमं का धरना प्रदर्शन 188वें दिन भी जारी रहा। प्रजमं के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने कहा कि बुधवार को गोलापार्क में जनसभा का आयोजन किया जाएगा। मंगलवार को धरने पर बैठने वालों में जेपी पुरी, रतन सिंह पटवाल, दयाल सिंह, पीपी पैन्यूली आदि शामिल थे।