श्रीनगर। ग्राम पंचायत श्रीकोट गंगानाली दूषित पेयजल आपूर्ति के खिलाफ आंदोलन छेडने जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना निर्माण के बाद वह गंदा पानी पी रहे हैं। गवर्मेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की ओर से आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए 17 दिसंबर को बैठक आहूत की गई है।
इन दिनों अलकनंदा नदी का जल स्तर कम होने से कोटेश्वर से श्रीनगर के बीच मुख्य धारा में जलप्रवाह बहुत ही कम हो गया है। यहां नदी नाले के समान दिखाई दे रही है। संगठन के अध्यक्ष हयात सिंह झिंक्वाण, महामंत्री दिनेश भट्ट और जिला पंचायत सदस्य प्रकाश बुटोला का कहना है कि परियोजना संचालन कर रही कंपनी ने नदी के प्रवाह को रोक दिया है।
जिस स्थान पर श्रीकोट पंपिंग पेयजल योजना का पंप हाउस है, वहां पर पूरी तरह से दूषित पानी रुका हुआ है। यहां गंदगी और जानवरों के सड़े हुए शव रुके हुए हैं। इस पानी को श्रीकोट की जनता सहित मेडिकल कालेज में भर्ती मरीज भी पीते हैं।
उन्होंने बताया कि कंपनी की मनमानी के खिलाफ स्थानीय लोगों को एकत्रित किया जा रहा है। जनता एकजुट होकर आंदोलन छेड़ेगी। इसके लिए रविवार को बेस अस्पताल के सामने बैठक होगी।