फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सांस्कृतिक धरोहर रम्माण के साथ शरदोत्सव संपन्न

विज्ञापन
विज्ञापन
जोशीमठ। चार दिवसीय शरदोत्सव के आखिरी दिन सलूड़-डुंग्रा गांव के कलाकारों ने सांस्कृतिक धरोहर रम्माण की प्रस्तुति से दर्शकों को भाव विभोर किया। इससे पूर्व संध्या पर हुई अंतिम सांस्कृतिक संध्या लोक गायक गजेंद्र राणा और गायिका बीना बोरा के नाम रही। दर्शक कड़ाके की ठंड के बाद भी देर रात तक महोत्सव स्थल पर डटे रहे। वहीं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस प्रथम वाहिनी के सेनानी विक्रांत थपलियाल ने महोत्सव के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से संस्कृति का संरक्षण होता है।
विज्ञापन

गांधी मैदान में आयोजित शरदोत्सव की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत गायक गजेंद्र राणा ने मां नंदा के जागर से की। जय बोला-जय बोला नंदा, तेरी जय जयकार जागर से पांडाल भक्तिमय हो गया। इसके बाद उन्होंने पुष्पा छोरी पौड़ीखाल की, लगदी छे तू बढ़ा कमाल की, चिट रुमाल हाय धरयूं च, तेरी साड़ी मां, लाली चढ़ी क्या भानुमती, तेरी गल्वाड्यूं मां, रुणझुण बरखा की गाड़ मां, मेरी बबीता तेरी याद मां, सुरमा स्याली, हेमा मरच्छ्याण, बबली तेरु मोबाइल जैसे हिट गानों की प्रस्तुतियों से समां बांधा। वहीं, लोक गायिका बीना बोरा ने पिछने बटी सीटी ना मारा, हाई ककड़ी झिले मां जैसे शानदार गीतों की प्रस्तुति दी।
इस मौके पर पालिकाध्यक्ष/शरदोत्सव संयोजक रोहिणी रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, व्यापार संघ अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत, सुलभ शाह, मुरली सिंह राणा, अमित सती, शैलेंद्र हिंदवाल, अनिल रावत आदि मौजूद थे।
विज्ञापन


रस्सा-कशी में सिंहधार की महिलाएं विजेता
जोशीमठ। शरदोत्सव के दौरान बुधवार को विभिन्न खेलों का आयोजन भी हुआ। महिला वर्ग की रस्सा-कशी प्रतियोगिता में सिंहधार विजेता और परसारी उप-विजेता रहे। पुरुष वर्ग में साहित्य कला खेल समिति विजेता और सुनील वार्ड उपविजेता रहा। कबड्डी में फायर सर्विस विजेता और आईटीबीपी सुनील उपविजेता रहा। बैटमिंटन पुरुष-महिला वर्ग में युगल गौड़-मनीषा रावत विजेता और गौरव नेगी-ममता रावत उपविजेता रहे। कैरम में विपुल मेहता विजेता व देवेंद्र उपविजेता रहे।

फिर मठु-मठु भरत-मिलाप हौण लग्यूं....
जोशीमठ। शरदोत्सव में पहली बार कवि गोष्ठी का आयोजन भी हुआ। रुद्रप्रयाग की कलश साहित्यिक संस्था से जुड़े कवियों ने अपनी कविता के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश दिया। संस्था के अध्यक्ष ओम प्रकाश सेमवाल ने सम्मेलन का शुभारंभ अपनी कविता इनमां कनके रौला तुम, हक की लड़े फिर गैरसैंण से किया। इसके बाद कवि मुरली दिवान ने फिर मठु-मठु भरत मिलाप होण लग्यूं, शशि देवली ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कल्पेश्वर भंडारी ने पक्की पीके ज्वान बोल्या, बुढ्या कच्ची मां खौया कविता का पाठ किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें