12वीं के 44 बच्चों का भविष्य दांव पर
शिक्षक हैं नहीं, ट्यूशन से विज्ञान की परीक्षा देंगे बच्चे
प्रांतीयकरण होने के बाद विज्ञान संवर्ग के लिए नहीं हो सकी शिक्षकों की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
सरकार व शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि राजकीय इंटर कॉलेज हरिपुरकलां में विज्ञान वर्ग के 44 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। बीते जनवरी माह में विद्यालय का प्रांतीयकरण होने के बाद से यहां संचालित विज्ञान संवर्ग को समाप्त कर दिया गया। शिक्षा विभाग की बेरूखी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते बोर्ड परीक्षार्थियों को विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय का पठन पाठन नहीं होने से ट्यूशन का सहारा लेना पड़ रहा है।
हरिपुरकलां स्थित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि राजकीय इंटर कॉलेज का जनवरी 2017 में अशासकीय विद्यालय से प्रांतीयकरण किया गया था। प्रांतीयकरण होने से पहले विद्यालय में विज्ञान संवर्ग के लिए दैनिक वेतन पर शिक्षकों की व्यवस्था थी। प्रांतीयकरण के बाद विद्यालय से विज्ञान संवर्ग को समाप्त कर दिया गया। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने 11वीं में दाखिले लेने बंद कर दिए, लेकिन इससे गतवर्ष 11वीं कक्षा से पास होकर 12वीं विज्ञान वर्ग में आए 44 छात्र-छात्राओं को पिछले 11 महीने से इस विषय की पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है। पठन-पाठन के अभाव में विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं को भारी रकम चुकाकर ट्यूशन लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। मुझे शिक्षकों के वेतन विसंगतियों की जानकारी मिली थी। अब विद्यालय में विज्ञान संवर्ग के लिए शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होने की जानकारी मिल रही है। बच्चों के भविष्य को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। जल्द विभागीय अधिकारियों को विद्यालय में शिक्षकों की व्यवस्था के निर्देश दिए जाएंगे।
प्रेमचंद अग्रवाल, क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष।
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विभाग के माध्यम से शिक्षा निदेशक को विद्यालय की समस्याओं से अवगत करा दिया गया है। साथ ही विद्यालय में विज्ञान संवर्ग शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके अलावा प्रांतीयकरण होने के बाद शिक्षकों के वेतन विसंगतियों के बारे में लिखित जानकारी दी जा चुकी है।
डॉ. अजय शेखर बहुगुणा, प्रधानाचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद इंटर कॉलेज, हरिपुरकलां
11 माह से 11 शिक्षकों को वेतन नहीं मिला
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि राजकीय इंटर कॉलेज का प्रांतीयकरण होने के बाद से शिक्षकों को वेतन व नियुक्तिपत्र नहीं मिल पाया है। 11 माह से विद्यालय के प्रधानाचार्य समेत एलटी संवर्ग के शिक्षकों को वेतन भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके विरोध में शिक्षक अवकाश लेकर शासन व विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग मूकदर्शक बने हुए हैं।