फाइल फोटो नेम-
कृषि अधिकारी ने किया ‘चिया’ की खेती का निरीक्षण
-- चिया की खेती को बताया पौष्टिक और किसानों के लिए लाभकारी
-- सरकार की ओर से खेती के लिए 75 प्रतिशत अनुदान की बात भी कही
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी के समीप क्यार्की गांव में की जा रही विदेशी उत्पाद चिया की खेती का टिहरी के जिला कृषि अधिकारी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इस तरह की नई किस्म की खेती को किसानों के लिए बेहतर बताया। कहा कि चिया की खेती करने से किसान काफी मुनाफा कमा सकते हैं। ‘अमर उजाला’ ने क्यार्की फाउंडेशन की ओर से की जा रही विदेशी उत्पाद चिया की खेती के सफल प्रयोग के बाबत खबर को बीते माह प्रमुुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने जिले में विदेशी उत्पाद चिया की खेती का संज्ञान लिया। शनिवार को क्यार्की फाउंडेशन के सदस्यों के साथ जिला कृषि अधिकारी जयप्रकाश तिवारी क्यार्की गांव पहुंचे।
उन्होंने फाउंडेशन की ओर से खेतों में लगाई गई चिया की पौध का निरीक्षण किया। जिला कृषि अधिकारी ने निरीक्षण के बाद बताया कि चिया खाने में काफी पौष्टिक है। लिहाजा इसकी खेती राज्य के किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। उन्होंने विभाग के माध्यम से चिया की खेती को बढ़ाने में सहयोग की बात भी कही। बताया कि नई तकनीक से परंपरागत फसलों को भी आगे बढ़ाने का जिम्मा क्यार्की फाउंडेशन को दिया गया है। उन्होंने फाउंडेशन के सदस्यों को भरोसा दिया कि चिया प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने के लिए सरकार के माध्यम से 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
बताया कि खेती की नई तकनीक लाने पर सरकार की ओर से सौ प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। बताया कि इस तरह के प्रोजेक्ट से पहाड़ों से पलायन को रोकने में भी काफी हद तक सहायता प्राप्त होगी। इस दौरान क्यार्की फाउंडेशन के संस्थापक इंजीनियर अनंत खरोला, अमित पंवार, शिवेश शर्मा, अंकित रावल, सचिन पंवार, नितिन पंवार, गोपाल सिंह पंवार आदि मौजूद थे।