भराड़ीसैंण। बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह हुई बारिश के बाद सर्द हुए मौसम में शुरू हुए विधानसभा सत्र में सदन के बाहर जमकर हंगामा हुआ। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलकारियों ने गैरसैंण स्थायी राजधानी सहित अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा के लिए कूच किया लेकिन पुलिस ने करीब 45 आंदोलनकारियोें को पहले ही गिरफ्तार कर मालसी अस्थाई जेल पहुंचा दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने भी सदन के बाहर मांगों को लेकर हंगामा किया।
चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के संरक्षक धीरेंद्र प्रताप, केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे, जिलाध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट आदि के नेतृत्व में बृहस्पतिवार सुबह करीब 50 से अधिक आंदोलनकारियों ने विधानसभा कूच किया, लेकिन पुलिस ने विधानसभा से करीब सात किमी पहले ही जंगलचट्टी बैरियर पर आंदोलनकारियों को रोक दिया। करीब तीन घंटे तक यहां पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का मुक्की हुई। इस दौरान एक आंदोलनकारी महिला बेहोश भी हो गई। अन्य आंदोलनकारियों ने महिला को संभाला। हालांकि इस दौरान कई आंदोलनकारी भराड़ीसैंण गेट तक पहुंच गए थे। पुलिस ने करीब 45 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर मालसी जेल भेज दिया। वहीं यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने भी स्थायी राजधानी की मांग पर प्रदर्शन किया। यूकेडी नेताओं को भी पुलिस ने जंगलचट्टी बैरियर पर गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने पूर्व विधायक डा. एपी मैखुरी के नेतृत्व में गैरसैंण को जिला और स्थायी राजधानी बनाने और कर्णप्रयाग के अस्पताल में प्रसूता की मौत की जांच कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। गैरसैंण और कर्णप्रयाग की ओर से पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जंगलचट्टी और दुग्तमा बैरियर पर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य, वीरेंद्र रावत, सुमति बिष्ट, ईश्वरी मैखुरी, राजेश्वरी नेगी, महेश खंडूरी, पीएस नेगी, कृष्णा नेगी, सुरेश बिष्ट, मोहन टम्टा आदि शामिल थे।
सिराणा के ग्रामीण पहुंचे विधानसभा के गेट तक
सड़क सहित अन्य मांगों को लेकर सिरणा के ग्रामीणों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस को चकमा देकर पगडंडियों से होकर विधानसभा के बैरियर पर पहुंचे ग्रामीणों को यहां पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाकपा माले नेता इंद्रेश मैखुरी और सिराणा के प्रधान वीरेंद्र मेहरा के नेतृत्व में सड़क और मलबे से क्षतिग्रस्त हुए पेयजल स्रोत की मरम्मत की मांग को लेकर सिराणा के ग्रामीण भराड़ीसैंण जोड़ने वाली पगडंडी से होकर विधानसभा पहुंचे। वहीं परवाड़ी के ग्रामीणों ने भी विधानसभा सहित आसपास हो रहे निर्माण और योजनाओं में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग की।
गैरसैंण राजधानी को लेकर रामलीला मैदान में भूख हड़ताल शुरू
गैरसैंण राजधानी, प्रदेश को नशामुक्त करने, रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर नशा नहीं रोजगार दो समिति के पांच सदस्यों ने बृहस्पतिवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। रामलीला मैदान में हुई सभा में सदस्यों ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए गैरसैंण को राजधानी बनाया जाना जरूरी है। भूख हड़ताल पर समिति के प्रवीण सिंह, रामकृष्ण तिवाड़ी, विनोद जुगलान, महेश चंद्र पांडे और कुसुम जोशी बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर मनीष सुंदरियाल, नारायण सिंह, सतपाल नेेगी आदि मौजूद थे।