श्रीनगर। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से जीत कर विधान सभा में पहुंचे भाजपा के विधायक भी चाहते हैं कि राज्य की राजधानी गैरसैंण में बने। हालांकि वह साथ में यह भी जोड़ रहे हैं कि इसके लिए वित्तीय संसाधन चाहिए।
बुधवार को गैरसैंण शीतकालीन सत्र में प्रतिभाग करने जा रहे विधायकों ने श्रीनगर में पत्रकारों से मुलाकात की। सभी विधायकों ने पहाड़ के विकास के लिए पहाड़ में राजधानी को जरूरी बताया।
क्या कहते हैं विधायक
उत्तराखंड की राजधानी पहाड़ में होनी चाहिए। अलग राज्य की मांग भी जनता ने इसीलिए की थी कि पहाड़ का विकास हो।- मुकेश कोली, विधायक पौड़ी
पहाड़ की भौगोलिक स्थिति अलग है। निश्चित तौर पर गैरसैंण में राजधानी बने। हालांकि पहले गैरसैंण को विकसित किया जाए। यदि जिला बना दिया जाए, तो तेजी से विकास होगा।- पूरण सिंह फर्त्याल विधायक चंपावत
स्थायी राजधानी गैरसैंण बने। मैं सदन में चाहे विपक्ष में रहा हूं या सत्ता पक्ष में, मैंने हमेशा गैरसैंण की बात की है। धीरे-धीरे सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। - सोहन सिंह जीना, विधायक सल्ट
गैरसैंण पर निर्णय लिया जाना चाहिए। पहाड़ी राज्य के संतुलित विकास के लिए पहाड़ में राजधानी हो।- विनोद कंडारी, विधायक देवप्रयाग
गैरसैंण स्थायी राजधानी बने। यदि पलायन रोकना है तो हमें पहाड़ की ओर आना होगा।- ऋतु खंडूड़ी विधायक यमकेश्वर
हम सभी पहाड़ी क्षेत्रों से हैं। सभी चाहते हैं कि पहाड़ में राजधानी बने। यह मातृ शक्ति की भी सोच है।- मीना गंगोला विधायक गंगोलीहाट
आम जनमानस की सोच रही है कि पहाड़ में राजधानी हो। गैरसैंण के विकास पर तेजी से काम करना चाहिए।- गोपाल रावत, विधायक गंगोत्री