फोटो :-----------------
थिएटरों में आंचलिक फिल्में न चलाने का विरोध
-- उक्रांद ने सौंपा तहसीलदार को ज्ञापन, अन्य फिल्मों को रिलीज नहीं होने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। सोमवार को उक्रांद युवा प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष मोहित डोभाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार रेखा आर्य के माध्यम से उपजिलाधिकारी हर गिरि को ज्ञापन भेजा। जिसमें उन्होंने सिनेमा घर में आंचलिक फिल्म के प्रदर्शन पर एडवांस रेंट लेने का विरोध किया है। दल ने इस मामले में अग्रिम किराया लेने की परंपरा पर रोक नहीं लगाने व सिनेमा हॉल में गढ़वाली फिल्म प्रदर्शित नहीं किए जाने की स्थिति में अन्य फिल्मों को रिलीज नहीं होने देने की चेतावनी दी है। मांग करने वालों में शांति तड़ियाल, सोहन भट्ट, आशीष भट्ट, गोपाल, राकेश भट्ट, शिवम भंडारी, दीपक गुप्ता, रोहित राणा आदि मौजूद थे।
उधर, गढ़वाल महासभा की बैठक में सिनेमा हॉल में गढ़वाली फिल्म को प्रदर्शित करने की एवज में एडवांस रेंट की मांग को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजे नेगी ने कहा आंचलिक फिल्मों को राज्य के थियेटरों में प्रदर्शित करने में फिल्म निर्माता के समक्ष आने वाली दुश्वारियों को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। बताया कि इस बाबत शीघ्र महासभा का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर उचित कार्रवाई की मांग करेगी। मौके पर उत्तम असवाल, कमल सिंह राणा, अंकित नैथानी, मनोज नौटियाल, विजय सिंह, राजा ढींगरा, मनोज नेगी आदि मौजूद थे।
दूसरी ओर रानीपोखरी शरदोत्सव समिति की बैठक में गढ़वाली फिल्म को सिनेमा हॉल में नहीं लगाने पर आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है। समिति संयोजक नरेश उनियाल का कहना है कि सरकार को राज्य के थियेटरों में आंचलिक फिल्मों के प्रदर्शन को अनिवार्य करना चाहिए। क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश सेमवाल ने गढ़वाली फिल्मों को टैक्स फ्री करने की मांग की है। इसी तरह अठ्ठूरवाला ग्राम प्रधान मंजू चमोली, सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र बैलवाल ने गढ़वाली फिल्म को थियेटर में प्रदर्शित करने के लिए अग्रिम धनराशि की मांग का विरोध जताया है। मौके पर सूरज कुमार, हिमांशु भट्ट, अभिषेक कुकरेती, हिमांशु बिष्ट, अजीत थपलियाल आदि मौजूद थे।