कर्णप्रयाग। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में सात दिसंबर से शुरू होने वाला शीतकालीन सत्र में भले ही ठंड प्रशासन की तैयारियों के लिए परेशानी बनी हो, लेकिन इस दौरान कई संगठनों के प्रदर्शन की चेतावनी भी प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब है।
बृहस्पतिवार से भराड़ीसैंण में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के लिए जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा है। विधानसभा सचिव जगदीश चंद्र भी यहां पहुंच चुके हैं, लेकिन प्रशासन जहां इस दौरान होने वाली भारी ठंड और संभावित बर्फबारी से निपटने के लिए जरूरी इंतजामों में जुटा है। वहीं विभिन्न आंदोलनों की चेतावनी भी प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब बन रहा है। भराड़ीसैंण के पास बसे गांव सिराणा, छिमटा आदि गांवों के ग्रामीणों द्वारा सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी भी प्रशासन के लिए मुसीबत है। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट का कहना है कि सत्र के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
इन संगठनों ने दी है आंदोलन की चेतावनी
-चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों का प्रदर्शन
-राजधानी और जिले के मुद्दे को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन।
-ब्रिज कोर्स सहित अन्य मामलों में प्राथमिक शिक्षकों का प्रदर्शन।
-सड़कों की मांग को लेकर भराड़ीसैंण के आस पास के गांवों का प्रदर्शन।
-राजधानी और बेरोजगारी को लेकर नशा नहीं रोजगार दो समिति का आंदोलन।
विधानसभा घेराव की रणनीति पर चर्चा
थराली। प्राथमिक शिक्षक संघ थराली की ब्लॉक शाखा की बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्तावित ब्रिज कोर्स, डीएलएड के विरोध में गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि संघ के सभी शिक्षक सात को सामूहिक अवकाश लेकर गैरसैंण कूच करेंगे। इस मौके पर संघ के प्रांतीय मंत्री शंभू प्रसाद बहुगुणा, संरक्षक दलीप सिंह बिष्ट, ब्लॉक अध्यक्ष घनश्याम तिवारी, सुरेंद्र सिंह खाली, एनबी पंत, केपी जोशी आदि ने विचार व्यक्त किए।