फाइल फोटो नेम-
एक दिन भी नहीं टिक पाई पालिका की बनाई सड़क
-- सड़क बनाने की गुणवत्ता पर उठे सवाल, दो करोड़ से किया जा रहा है सड़कों का डामरीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। शहर में नगर पालिका विभिन्न वार्डों में आंतरिक सड़कों का नवनिर्माण का कार्य कर रही है, लेकिन सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता का जरा भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कई इलाकों में आंतरिक मार्ग बनते ही उधड़ने शुरू हो गए हैं। जिससे पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। नगर पालिका के वार्ड नंबर- 18 के अंतर्गत मानवेंद्र नगर में सड़क का डामरीकरण किया गया, मगर सड़क अगले ही दिन उधड़नी शुरू हो गई। पालिका सभासद हरीश तिवाड़ी का कहना है कि निकाय द्वारा नगर क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का डामरीकरण किया जा रहा है, लेकिन गुणवत्ता पर अधिकारियों का ध्यान नहीं है। उन्होंने निम्न दर्जे के मैटीरियल के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया है। सभासद तिवाड़ी ने सड़कों की गुणवत्ता की जांच की मांग की है।
बनखंडी में नगर पालिका द्वारा बीते शुक्रवार को सड़क का डामरीकरण किया गया, जो एक दिन बाद ही शनिवार को उधड़नी शुरू हो गई। शहर के कई वार्डों से लोग लगातार सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठाने लगे हैं। मगर निकाय प्रशासन निर्माण कार्यों की निगरानी व जांच की बजाए आंखें मूंदे बैठा है।
क्यों नहीं अपनाई कोल्ड इमलसन टेक्निक
ऋषिकेश। सर्द मौसम में तारकोल की सड़क को बिछाने के लिए लोक निर्माण विभाग कोल्ड इमलसन टेक्निक का इस्तेमाल करता है। सड़क निर्माण की इस प्रणाली में तारकोल में पानी को भी मिक्स किया जाता है। ऐसे में तापमान के 16 डिग्री से नीचे होने के बाद भी इससे तारकोल की पकड़ बनी रहती है। पालिका शहर में शीतकाल में रात के समय बनाई जा रही सड़कों के निर्माण में इस तकनीक का इस्तेमाल करती, तो शायद करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़कों को उधड़ने से बचाया जा सकता था, मगर ऐसा नहीं किया गया। जानकारों के मुताबिक इस तकनीक में महज 15 से 20 फीसदी खर्च अधिक आता है।
क्या कहते हैं पालिकाध्यक्ष
तापमान में गिरावट की वजह से नई सड़कें उधड़ रही हैं। निर्माण एजेंसी को सुबह से शाम पांच बजे तक ही सड़क डामरीकरण कार्य करने के लिए कहा है। रात में डामरीकरण करने से सड़कें उधड़ रही हैं। पालिका सड़कों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगी।
दीप शर्मा, अध्यक्ष, नगरपालिका, ऋषिकेश