पांडुकेश्वर क्षेत्र में आबादी के समीप गुलदार दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। गुलदार एक सप्ताह में आबादी वाले क्षेत्र से दो मवेशियों को मार चुका है। ऐसे में ग्रामीण शाम ढलने ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन से गुलदार को आबादी क्षेत्र से खदेड़ने की मांग उठाई। वहीं कर्णप्रयाग के सिरोली गांव में गुुलदार ने गोशाला तोड़कर गाय को मार डाला।
पांडुकेश्वर क्षेत्र के जयमाल भंडारी और वनमाला ने बताया कि बृहस्पतिवार को जब वे दोपहर बाद जंगल से घास लेकर लौट रहे थे तो गांव के समीप ही गुलदार ने उनका पीछा किया। उन्होंने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। गुलदार के आतंक के कारण महिलाएं जंगल जाने से कतरा रही हैं। वहीं स्कूली बच्चे और ग्रामीण झुंड में आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन को पत्र भेजकर शीघ्र टीम तैनात कर गुलदार को आबादी क्षेत्र से खदेड़ने की मांग उठाई। इस मौके पर वन पंचायत सरपंच सरिता देवी, ग्राम प्रधान सतेश्वरी देवी, युमंद अध्यक्ष मंदीप भंडारी और अंशुमान आदि मौजूद थे।
वहीं कर्णप्रयाग ब्लाक के सिरोली गांव में बृहस्पतिवार रात को गुलदार ने सुनील गुसाईं की गोशाला का दरवाजा तोड़कर गाय को मार डाला। सुनील गुसाईं, भवान सिंह गुर्साइं, पवन सिंह, पुष्कर सिंह आदि ने बताया कि दो माह से गांव के आसपास गुलदार दिखने से ग्रामीणों में दहशत है। कई बार वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की लेकिन सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की।