फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना वाहन के कैसे पकड़ेंगे शराब तस्कर

विज्ञापन
विज्ञापन
बिना वाहन के कैसे पकड़ेंगे शराब तस्कर
विज्ञापन

-- संसाधन के अभाव में बेबस आबकारी कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
तीर्थनगरी में शराब की बिक्री पूर्ण प्रतिबंधित है। बावजूद इसके बेखौफ शराब की अवैध बिक्री की जा रही है। हर रोज पकड़े जाने वाले मामले इसकी तस्दीक करते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए सीधे तौर जिम्मेदार आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी खुद बेबस नजर आ रहे हैं। विभाग ने इंस्पेक्टर समेत पांच कर्मचारियों को इसका जिम्मा सौंपा है, लेकिन उन्हें तस्करों की धरपकड़ के लिए वाहन सुविधा तक नहीं दी गई है। ऐसे में कर्मचारी पैदल चलकर शराब तस्करों को कैसे पकड़ पाएंगे?
आबकारी विभाग के ऋषिकेश कार्यालय में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के पास शराब तस्करी व अवैध बिक्री रोकने के लिए न तो पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं और न ही कर्मचारियों की ही तैनाती की गई है। यहां इंस्पेक्टर समेत महज पांच कर्मचारियों की तैनाती की गई है। आबकारी निरीक्षक के पास वाहन तक उपलब्ध नहीं है। लिहाजा शराब माफियाओं को पकड़ पाना विभाग के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। ऐसे में बिना संसाधनों के अधिकारी और कर्मचारी प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहनों से की जा रही शराब तस्करी करने वालों पर शिकंजा कसे भी तो कैसे।
विज्ञापन

तीन विधानसभा और कर्मचारी पांच
ऋषिकेश। आबकारी विभाग ने ऋषिकेश, डोईवाला और रायपुर विधानसभा का जिम्मा आबकारी निरीक्षक समेत पांच कर्मचारियों पर सौंपा है। ऐसे में तीन विधानसभाओं में कर्मचारी बिना संसाधनों के पैदल किस तरह से शराब तस्करों की धरपकड़ अभियान संचालित करते हैं, यह समझ से परे है।
विज्ञापन

क्या कहते हैं अधिकारी
आबकारी निरीक्षक लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने बताया कि वाहन के लिए मुख्यालय को कई बार पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई है। बताया कि मौजूदा संसाधनों के बूते ही अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें