गौचर। बमोथ सिंचाई नहर का निरीक्षण करने गए सिंचाई विभाग के अधिकारियों का आक्रोशित ग्रामीणों ने घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि छह माह से नहर सूखी पड़ी है, जिससे खेतों की सिंचाई करना मुश्किल बना है। अधिशासी अभियंता ने पांच दिसंबर तक नहर पर पानी सुचारु करने का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
बमोथ गांव के ग्रामीणों ने एक पखवाड़ा पूर्व सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन को बमोथ सिंचाई नहर पर पानी की सप्लाई बाधित होने से कृषि भूमि को नुकसान होने की सूचना दी थी। बृहस्पतिवार को नहर का निरीक्षण करने पहुंचे विभाग के ईई जेसी थपलियाल, सहायक अभियंता अतुल पांडे और अवर अभियंता अमित खंडूड़ी सहित अन्य कर्मचारी बमोथ गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने अधिकारियों का घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर पर कई वर्षों से पानी की अनियमित आपूर्ति हो रही है। छह माह से पानी नहर सूखी पड़ी है, जिससे खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। ग्राम प्रधान प्रकाश रावत, सेनानी प्रसाद चमोला, महिला मंगल दल अध्यक्ष यशोदा देवी, गिरजा देवी, शिव सिंह चौहान, मनोरमा लखेड़ा सहित अन्य ग्रामीणों ने नहर पर शीघ्र पानी की आपूर्ति करने की मांग की। इस पर ईई जेसी थपलियाल ने पांच दिसंबर तक पानी की सुचारु आपूर्ति का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।