अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में खेल गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विवि से संबद्ध महाविद्यालयों की बैठक में प्राचार्यों ने विभिन्न समस्याएं कुलपति के सामने रखीं।
कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित ने सभी प्राचार्यों की समस्याओं के उचित समाधान के लिए आश्वासन दिया। संबद्ध महाविद्यालयों एवं संस्थानों के बीच अंतर महाविद्यालयीय खेल प्रतियोगिताएं करने के लिए प्रत्येक सत्र में विश्वविद्यालय का खेल कलेंडर बनाने के लिए कुलपति ने निर्देश दिए। खेल कलेंडर बनाने से विश्वविद्यालय स्तर पर सभी महाविद्यालयों के सहयोग से नॉर्थ जोन प्रतियोगिताओं के लिए टीमों का चयन किया जा सकेगा। बैठक में कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने कहा कि खेल गतिविधियों के बढ़ने से छात्रों का सर्वांगीण विकास होगा। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के खेल संबंधी नियम उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में भी लागू होंगे। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में क्रीड़ा शुल्क के रूप में एक निश्चित धनराशि प्रत्येक छात्र से ली जाएगी। एकत्र धनराशि का उपयोग क्रीड़ा प्रतियोगिताएं कराने के लिए किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन क्रीडा प्रभारी डा. अजय परमार ने किया। बैठक में खेल समिति के सदस्य डा. उमेश शुक्ल, डा. श्वेता अवस्थी, डा. अजय परमार, डा. चंद्रशेखर, खेल प्रशिक्षिका सीमा कांडपाल, मीनाक्षी, मनोज गहतोड़ी, डा. विनय सेठी आदि मौजूद थे।