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समाज में समरसता होने पर ही होगा समाज संगठित

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श्रीनगर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से आयोजित बौद्धिक एकत्रीकरण कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समरसता होने पर ही समाज संगठित होगा। संगठित समाज ही सुखी समाज का निर्माण करता है।
शनिवार तड़के स्थानीय जीआईएंडटीआई मैदान में बौद्धिक एकत्रीकरण कार्यक्रम कराया गया था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुहास राव हीरेमठ ने कहा कि आज सब लोग सुखी रहना चाहते हैं, लेकिन सुखी तभी रहा जा सकता है जब समाज सुखी होगा। समाज के सुखी होने के लिए संगठित समाज होना आवश्यक है। समाज में समरसता होने पर ही समाज संगठित हो सकता है।
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सुहास राव ने कहा कि सभी को संघ के संस्थापक हेडगेवर, डॉ. भीमराव अंबेडकर, शहीद भगत सिंह और विवेकानंद के विचारों और आदर्शों पर चलना चाहिए। कार्यक्रम में करीब 700 से अधिक संघ कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने योग भी किया। कार्यक्रम में प्रदेश बौद्धिक प्रमुख भजन सिंह खत्री, जिला संघ चालक देवानंद बहुगुणा, नगर संघ चालक किशोर सजवाण, प्रांत सेवा प्रमुख पवन, इंद्र मोहन, लोकेंद्र अंथवाल मौजूद थे।
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