नारायणबगड़। श्री सिद्धपीठ राजराजेश्वरी गिरिजा भवानी चोपता कौथिग में शनिवार को महाकालरात्रि पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न जगहों से सैकड़ों की संख्या में भक्त चोपता चौंरी पहुंचे। मंदिर प्रांगण में भूूमियाल देवता के पश्वा अवतरित हुए और भक्तों को आशीर्वाद दिया।
चमोली जिले के चोपता कौथिग में बृहस्पतिवार को आरती और पंचांग पूजा के बाद देवता के पश्वा क्षेत्र भ्रमण पर निकले थे। चोपता चौंरी में महाकाली पर्व के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। यहां पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने राजराजेश्वरी गिरिजा भवानी माता के दर्शन किए। रात को प्रदीप नेगी, जगमोहन चोपता, जगमोहन सिनवाल, प्रवीण नेगी, यशवाल, सत्यप्रकाश सती, दिगपाल सिंह, भगवत सिंह रावत, सरोप सिंह, गजपाल सिंह आदि कलाकारों ने शिव तांडव, शिव-पार्वती संवाद, शंभु-निशंभु वध, महिषासुर वध, महाकाली अवतार की लीला प्रस्तुत की। दक्ष प्रजापति के मां सती को यज्ञ में न बुलाने और क्रोधित सती के यज्ञ कुंड में भस्म होने की लीला का कलाकारों ने जीवंत मंचन किया। भूमियाल देव के पश्वा के रूप में देवेंद्र रावत, दक्षिण काली के पश्वा फते सिंह, गिरिजा भवानी के पश्वा आनंद कनेरी, गढ़ के वीर के पश्वा अनिल लाल ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। क्षेत्र के प्राथमिक शिक्षकों की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। चोपता और सोल्टा के सती ब्राह्मणों ने माता का अनुष्ठान संपन्न कराया। इस मौके पर मंदिर कमेटी अध्यक्ष अवतार सिंह सिनवाल, जयवीर सिंह रावत, भरत सिंह रावत, जमन सिंह रावत, रणजीत सिंह रावत, अर्जुन सिंह रावत, शिशुपाल नेगी, दलवीर सिंह रावत, भरत सिंह रावत और अधिवक्ता पृथ्वी नेगी आदि मौजूद रहे।