गौचर। औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या में जौनसारी संस्कृति की धूम रही। सुप्रसिद्ध गायक एवं निर्माता निर्देशक अनिल बिष्ट की जोश से भरी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर दर्शक मस्ती में थिरकते नजर आए। संस्कार सांस्कृतिक पर्यावरण संरक्षण समिति अल्मोड़ा और पौड़ी के प्रसिद्ध रंगकर्मी त्रिभुवन उनियाल की सांस्कृतिक टीम ने मंच पर गढ़वाली, कुमाऊंनी लोकनृत्य और लोक गीतों का जादू बिखेरकर तालियां बटोरीं।
उत्तराखंड संध्या के नाम से हुई चौथी सांस्कृतिक संध्या में पहले की तीन दिनों की अपेक्षा दर्शकों की ज्यादा भीड़ उमड़ी। अलग-अलग अंचलों से आई सांस्कृतिक टीमों के बाद निर्माता निर्देशक अनिल बिष्ट ने जैसे ही मेरी सुनीता रेशमी बांदा..., हाय तेरो मिजाज.. गाने की शुरुआत की तो पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसकेे बाद अनिल बिष्ट ने चरिपरिचित अंदाज में ऐजा हे भानुमति पाबो बाजार..., हे कांछी मोटर गाड़ि में घूमि ओला..., स्वर्ग तारा वो जुन्यालि रात... लोक गीतों और नृत्य की प्रस्तुति दी। जागर चैत की चैत्वला... की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोहा। जौनसार क्षेत्र के प्रसिद्ध लोक गायक नंद लाल भारती, लायक राम वर्मा, अनिल वर्मा, प्रफुल्ल जोशी, किशन दत्त जोशी, राधा भारती, विनीता आदि की टीम ने हनोड़ी मासू अवतार धर दे, मेरू जौनसार.... वंदना से लोक प्रस्तुति शुरू की। जौनसार पर आक्रमण के लिए मुगलों के पांवटा साहेब पर पहुंचने पर नंदराम नेगी की ओर से बीर भड़ों और अन्य लोगों को युद्ध के लिए जागृृत करने की गाथा मोड़े रे मौड़ाईये, खेली मौड़ाये, दूणी रवा पावटेंडा, मुललो आई... तथा राम के वनवास से लौटने की सूचना जौनसार क्षेत्र में एक महीने बाद मिलने की खुशी में मनाई जाने वाली जौनसारी दीपावली और हाथी नृत्य की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम में मेलाधिकारी एसडीएम केएन गोस्वामी, सभासद अनिल नेगी, रोशनी नेगी, जयकृत बिष्ट, गजेंद्र नयाल, दलबीर कनवासी, प्राचार्य के. सिंह, प्रधानाचार्य केसी चौहान, तहसीलदार विपिन चंद्र पंत, अजय किशोर भंडारी आदि मौजूद थे।
पूर्व सैनिकों की समस्याओं के हल के लिए सेना कर रही प्रयास
मेला पंडाल में हुए भूतपूर्व सैनिक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सम्मेलन में मुख्य अतिथि 10 जम्मू एंड कश्मीर लाइव इंफेंट्री (जैक्लाई) के कमान अधिकारी कर्नल अजय ठाकुर ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सेना हरसंभव प्रयास कर रही है। सम्मेलन में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखते हुए वयोवृद्घ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बख्तावर सिंह को सम्मानित किया गया। साथ ही भूतपूर्व सैनिक सम्मेलन में शहीद सैनिकों की पत्नियों को भी सम्मानित किया गया। चमोली जिले से कल्पेश्वरी देवी, मंजू, शांति, कलावती, सुलोचना, लखमा, विशेश्वरी, विमला, पुष्पा, सरस्वती, चकोरी, राजुला, बसंती, शोभती तथा रुद्रप्रयाग जिले से गोदांबरी, राजेश्वरी, रूकमणि, मीना, बिमला, काली देवी, भागीरथी, मंजू देवी सहित 23 वीरनारियों को सम्मान दिया गया। सम्मेलन में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल नवीन डबराल, कर्नल डीएस बर्तवाल, कर्नल राजेंद्र सिंह नेगी आदि ने पूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। पूर्व सैनिकों के लिए सेना की ओर से चिकित्सा, भोजन, दवा वितरण, जांच, आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम में सूबेदार कुंवर सिंह रावत, सिताब सिंह कंडारी और लीड बैंक अधिकारी गबर सिंह रावत आदि मौजूद थे।
फुटबाल में आक्रांता, गैरसैंण, गौचर बी और बिष्ट इलेवन अगले दौर में
खेल मैदान में आयोजित फुटबाल प्रतियोगिता के पहले मुकाबले में आक्रांता क्लब ने सीक्रेट हार्ट की टीम को 3-0 से हराया। दूसरे मुकाबले में गैरसैंण की टीम ने गौचर की टीम को 4-3 से, तीसरे मुकाबले में गौचर बी टीम ने पौड़ी इलेवन की टीम को 4-0 और चौथे मुकाबले में बिष्ट इलेवन पौड़ी ने गोपेश्वर की टीम को 4-0 से हराया। वॉलीबाल प्रतियोगिता के पहले मुकाबले में मॉर्निंग क्लब गोपेश्वर ने नागज्योति क्लब पोखरी को 2-1 से तथा दूसरे मुकाबले में चमोली पुलिस की टीम ने आईटीबीपी गौचर को 2-0 से और तीसरे मुकाबले में गौचर की टीम ने तोपाल ब्रदर्स की टीम को 2-0 से हराया।
मेले में जमकर की खरीदारी
मेले के पांचवें दिन मेले में भारी भीड़ उमड़ी। 18 नवंबर को जिले में मेला अवकाश होने के कारण मेला मैदान में सुबह से भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। देर शाम तक मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। साथ ही बच्चों और युवाओं ने चर्खी, मौत का कुआं आदि खेल तमाशों का आनंद भी लिया।
मेले में आज
- सुबह 9:00 से खेल कूद कार्यक्रम।
- सुबह 10:30 से पत्रकार सम्मेलन।
- दोपहर 2:00 कवि सम्मेलन।
- रात्रि 9:00 से दरवान नैथ्वाल और मीना राणा की सांस्कृतिक संध्या।