अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जिला अस्पताल में पूरे एक महीने के बाद सभी ओपीडी में मरीज देखे गए। रेडियोलॉजिस्ट और बालरोग विशेषज्ञ के अवकाश पर लौटने के बाद अब एक महीने बाद अल्ट्रासाउंड हुए और बालरोगियों का इलाज भी हुआ। हड्डी रोग विशेषज्ञ के आपरेशन करने से दोपहर तक ओपीडी बाधित रही, लेकिन गंभीर मरीजों को देखा जाता रहा।
जिला अस्पताल की व्यवस्था एक महीने से पटरी से उतरी हुई थी। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। दूर-दराज से मरीज आते और घंटों तक भटकने के बाद परामर्श तक नहीं मिली। कई दिन अस्पताल में इमरजेंसी के साथ फिजिशियन की ओपीडी ही चल सकी। इससे मरीजों को घंटों खड़े होकर निराश लौटना पड़ा। गर्भवती महिलाओं को रेडियोलॉजिस्ट के नहीं होने से अल्ट्रासाउंड कराए बिना ही लौटना पड़ता। उन्हें प्राइवेट केंद्रों पर पूरा भुगतान कर अल्ट्रासाउंड कराने पड़े। मरीजों की पीड़ा पर अमर उजाला में कई बार खबर प्रकाशित हुई। जिस पर डीएम दीपक रावत ने भी निरीक्षण करते हुए एक साथ में केवल एक डाक्टर को ही अवकाश देने को सीएमएस को निर्देश दिए। हालांकि जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो सका। अब एक महीने के अवकाश पर गए रेडियोलॉजिस्ट डा. मनोज उप्रेती और बाल रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति पाठक ने बुधवार से ड्यूटी संभाल ली। जिससे बच्चों की ओपीडी के साथ गर्भवतियों के साथ सामान्य मरीजों के अल्ट्रासाउंड हुए। इसके साथ ही सर्जन और सामान्य फिजिशियन ने भी ओपीडी में मरीज देखे।
अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट और बाल रोग विशेषज्ञ एक महीने के अवकाश से लौट आए है। उन्हाेंने ओपीडी में मरीज देखकर परामर्श दिए। आगामी समय में एक साथ दो प्रमुख डाक्टरों को एक साथ अवकाश नहीं दिया जाएगा। सभी डाक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
डा. आरती ढौंडियाल, सीएमएस।