श्रीनगर। पेयजल तकनीकी/ फील्ड कर्मचारी संगठन ने चार माह पूर्व मांगों पर हुई त्रिपक्षीय वार्ता पर कार्रवाई न होने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने प्रदेश के स्वच्छता एवं पेयजल सचिव को भेजे ज्ञापन में कहा है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तोे 20 दिसंबर से विधानसभा के समक्ष धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
जल संस्थान के पेयजल तकनीकी/फील्ड कर्मचारी संगठन ने सचिव स्वच्छता एवं पेयजल को ज्ञापन भेज शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। ज्ञापन में संगठन के प्रदेश महामंत्री हरीश थपलियाल ने कहा कि मांगों पर कई दौर की वार्ता और पत्राचार के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे कर्मियों में शासन-प्रशासन और विभाग के उच्चाधिकरियों की उपेक्षापूर्ण नीति के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। कहा कि जुलाई 2017 में पेयजल मंत्री की अध्यक्षता में संगठन, शासन एवं जल संस्थान के प्रबंधक के मध्य कर्मियों की मांगों को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी, जिसमें कई मांगों पर सहमति भी बनी थी। किंतु आज तक एक मांग पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। कहा कि मृतक आश्रितों की नियुक्ति का मामला भी जानबूझ कर लटकाया जा रहा है। महामंत्री ने स्वीकृत विभागीय ढांचे का विरोध कर विभाग में दर्जनों पद मृत घोषित किए जाने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने 19 दिसंबर तक मांगें पूरी न होने पर 20 दिसंबर से विधानसभा के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी है।