कर्णप्रयाग/गैरसैंण। स्वजल परियोजना की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा प्रबंधन योजनाएं तैयार करने के लिए आयोजित कार्यशाला में ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों को कई जानकारियां दी गईं। कहा गया कि परिवार की संख्या के मानकों के अनुरूप गांवों को कूड़ा प्रबंधन के लिए धनराशि दी जाएगी।
ब्लाक सभागार में आयोजित कार्यशाला में स्वजल परियोजना के मुख्य सलाहकार संजय पंत ने बताया कि गांवों में गंदगी अधिकतर पशु मल, नालियां न होने से जगह-जगह रुके हुए पानी और कूड़े का निस्तारण सही जगह नहीं होने से होती है। केंद्र सरकार के निर्देश पर गांवों में कूड़ा प्रबंधन योजनाएं चलाई जाएंगी। इसके लिए ग्राम स्तर पर खुली बैठकों का आयोजन कर योजनाएं तैयार की जाएंगी। प्रारंभिक स्तर पर अंत्योदय या नदी तट से लगी ग्राम पंचायतों का चयन कर कूड़ा निस्तारण और प्रबंधन शुरू कर दिया जाएगा। परिवार संख्या के मानकों के अनुरूप सात लाख से 20 लाख तक की धनराशि गांवों को आवंटित की जाएगी। बैठक में ब्लाक प्रमुख सुमति बिष्ट ने ग्राम प्रधानों से योजनाएं तैयार कर योजना को सभी ग्राम पंचायतों में लागू करने की बात कही। इस दौरान स्वजल के लक्ष्मण सिंह राणा, संजय जोशी सहित अन्य लोगों ने कई जानकारियां दीं। कार्यशाला में ब्लाक के सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान शामिल हुए।