मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर सोमवार को भी अफसरों के बीच मंथन का दौर चलता रहा। तय हुआ कि जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) योजना से जुड़े रोगी के इलाज की अनुमति नामित सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को देंगे।
इसके बाद सीएमओ सूचना डीजी हेल्थ कार्यालय में स्थित स्टेट नोडल एजेंसी (एसएनए) को भेजेंगे, जहां से भुगतान समेत अन्य औपचारिकता को पूरा किया जाएगा। इस बाबत डीजी हेल्थ ने सीएमओ व अस्पतालों को भेजा ई-मेल भेजा है।
बता दें कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के संचालन से जुड़ी इंश्योरेंस कंपनी से नौ नवंबर को काम वापस ले लिया गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बहरहाल, अब शासन ने स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से योजना संचालित करने का फैसला किया है।
इसके तहत जिला स्तर पर सीएमओ के माध्यम से योजना को पूर्व की भांति ही चलाया जाएगा। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव के अनुसार मसलन कोई व्यक्ति देहरादून जिले के नामित प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए जाता है, तो देहरादून जिले के सीएमओ के पास संबंधित अस्पताल सूचना देगा।
सीएमओ कार्यालय से कार्डधारक के इलाज करने संबंधी अनुमति जारी हो जाएगी। बाद में सीएमओ कार्यालय से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत आने वाले सभी प्रकरणों के ब्यौरे को प्रतिदिन एसएनए को भेजेगा, जहां अस्पतालों के भुगतान समेत अन्य औपचारिकता को पूरा किया जाएगा। जल्द ही सेवाओं को पूरी तरह सामान्य कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. नवीन बलूनी के अनुसार इस संबंध में इलाज पूर्व की भांति ही होगा। बस जो काम इंश्योरेंस कंपनी थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेेटर के तौर पर करती थी, वह काम स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से होगा। सीएमओ स्तर से दो घंटे के अंदर अनुमति जारी करने का निर्देश दिया गया है। इलाज में किसी तरह की कौताही नहीं होने दी जाएगी।