फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सुलतानपुर माजरी में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि पर एक बार फिर से अवैध निर्माण शुरू हो गया है।
यह भूमि सिंचाई विभाग के स्वामित्व की बताई जाती है। दोनों राज्यों में परिसंपत्तियों का बंटवारा नहीं होने का फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने आठ बीघा से अधिक सरकारी भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग करा रखी है। आरोप है कि राजस्व विभाग ने इस भूमि को खुर्द-बुर्द कराने में खेल किया है और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने भी इसमें शामिल होकर सरकारी भूमि से पल्ला झाड़ दिया है।
उत्तराखंड सिंचाई विभाग के नाम भी यह भूमि दर्ज नहीं की गई है। ऐसे में अवैध प्लाटिंग तथा निर्माण कराने वाले सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिकारियों के बार-बार जमीन पर आने तथा काम में दखल देने पर आपत्ति कर उन्हें लौटा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों की सरकारी भूमि पर अवैध प्लाटिंग की शिकायत मिलने पर सिंचाई सचिव आनंदवर्द्धन ने इस संबंध में उत्तराखंड राजस्व परिषद के अध्यक्ष एस रामास्वामी को सरकारी भूमि की सुरक्षा तथा राजस्व अधिकारियों द्वारा लिए गए विधि विरुद्ध निर्णय के खिलाफ कार्रवाई को पत्र लिखा था। इसके साथ ही उन्होंने सिंचाई खंड हरिद्वार को तहसील के गलत निर्णय के विरुद्ध अपर आयुक्त पौड़ी में अपील करने को निर्देशित किया। शासन तक प्रकरण पहुंचने से अपर आयुक्त ने एसडीएम न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने के साथ ही यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी कर रखा है। बावजूद इसके अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों ने बाउंड्रीवाल बनानी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जमीन अभी हमें आवंटित नहीं हुई है
सुलतानपुर माजरी में रकबा 40 से 45 का तहसीलदार ने अब तक सीमाकंन नहीं किया है। इस संबंध में विभाग की ओर से 26 जुलाई 2016 में लिखा गया था। यह भूमि उत्तराखंड सिंचाई विभाग को मिली नहीं है और यूपी वालों ने लिखकर दे दिया कि संबंधित भूमि से हमारा संबंध नहीं है। अपर आयुक्त के स्टे के बाद भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर मौके पर गए तो प्लाटिंग करने वालों ने हमें कागजात बताने को कहा। इस संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया जा रहा है। - एनएस कुंडरा, उप राजस्व अधिकारी, सिंचाई खंड हरिद्वार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें