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ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम के बताए मार्ग पर चलने का लिया संकल्प
-- ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम महाराज की शोडषी पर संत समाज ने की श्रद्धांजलि अर्पित
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
जगद्गुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम महाराज की षोडशी पर संत समाज ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित संत सभा में साधु-संतों व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम महाराज का भावपूर्ण स्मरण किया और श्रद्धांजलि दी। रविवार को तीर्थनगरी के मायाकुंड स्थित दंडीबाड़ा आश्रम (जर्नादन आश्रम) में शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम महाराज की शोडषी के अवसर पर पहुंचे शंकराचार्यों, साधु-संतों, आश्रमाध्यक्षों ने उन्हें याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने के साथ ही ब्रह्मलीन संत को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर भानूपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम महाराज ने जीवनपर्यंत चोटी, बेटी व रोटी के संरक्षण के साथ ही गौ, गंगा, गायत्री की अलख जगाए रखी। जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि ब्रह्मलीन संत ने भारत से लेकर नेपाल तक अनेक संस्कृत विद्यालयों व गौशालाओं का संचाल कर देववाणी संस्कृत व गोमाता की रक्षा के लिए सतत प्रयास किए। इस अवसर पर धर्म गुरुओं ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम महाराज के कार्यों को समाज के हित में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
यहां जगद्गुरु रामानुजाचार्य हंसदेवाचार्य, महामंडलेश्वर ज्ञानदेव, अर्जुन पुरी, दंडी स्वामी रामानंद तीर्थ, सतपाल ब्रह्मचारी, महंत शिवानंद, महंत राकेशनाथ, अभय चेतन्य, शैलेंद्र मिश्रा, एमके महाजन, प्रेमचंद गुप्ता, मनोज नौटियाल, आशीष वशिष्ठ, संजय शास्त्री, संदीप शास्त्री, गंभीर मेवाड़ आदि मौजूद थे।