शुल्क वृद्धि के विरोध में भूख हड़ताल शुरू
-- एम्स प्रशासन पर इलाज की दरों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में उपचार और परीक्षण शुल्क की दरों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के विरोध में समाजसेवी प्रवीण सिंह ने शुक्रवार से बेमियादी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनके समर्थन में कई सामाजिक संगठन भी उतर आए हैं। प्रवीण ने शुल्क वृद्धि को वापस नहीं लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने एम्स प्रशासन के इस निर्णय को जनविरोधी करार दिया।
बैराज रोड स्थित एम्स के समीप राइट टू हेल्थ अभियान के तहत समाजसेवी प्रवीण सिंह ने भूख हड़ताल शुरू की। धरना स्थल पर आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीब जनता को सस्ती दरों पर एम्स में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के नाम पर गुमराह कर रहा है। कहा कि एम्स में उपचार की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी करना इसका उदाहरण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सेहत से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें सिर्फ सरकार की राजस्व वृद्धि की फिक्र है। कहा कि जब तक एम्स प्रशासन शुल्क वृद्धि को वापस नहीं लेता है, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। मैती संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर प्रवीण सिंह को समर्थन दिया। इसके अलावा आसपास की ग्रामसभाओं से भी ग्रामीण धरना स्थल पर समर्थन के लिए जुटे। समर्थन देने वालों में खदरी खड़कमाफ के प्रधान सरोप सिंह पुंडीर, समाजसेवी रामकृष्ण तिवारी, महावीर उपाध्याय, विनोद जुगलाण आदि शामिल थे।