गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के साथ ही धाम के व्यवसायियों ने भी अपना व्यवसाय समेटना शुरू कर दिया है। धाम में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है, जिससे साधु-संत भी बदरीनाथ से लौटने लगे हैं।
बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर को शाम 7.28 मिनट पर बंद हो जाएंगे। इस बार साल 2013 की आपदा के बाद सबसे अधिक तीर्थयात्री उमड़े। अभी तक धाम में साढ़े आठ लाख तीर्थयात्री भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर चुके हैं। अब ठंड बढ़ने के साथ ही लोग अपना व्यवसाय समेटने लगे हैं। बदरीनाथ में होटल व्यवसायी बलवंत सिंह का कहना है कि अब तीर्थयात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आ गई है, जिसे देखते हुए होटल बंद कर दिया गया है। इस साल सितंबर माह तक भी बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों का रैला उमड़ा। इस बार यात्रा अच्छी चली, जिससे व्यवसाय भी बहुत अच्छा चला। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह और मीडिया प्रभारी डा. हरीश चंद्र गौड़ का कहना है कि इस साल अपेक्षा से अधिक तीर्थयात्री उमड़े। अब यहां सुबह और शाम को कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिसे देखते हुए व्यवसायियों ने व्यवसाय समेटना शुरू कर दिया है।