श्रीनगर। गढ़वाल विवि के एलटीसी घोटाले की जांच पुलिस ने तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि बिलों की जांच में कुछ बिल संदिग्ध पाए गए हैं। हालांकि कितने बिल संदिग्ध मिले हैं, यह स्पष्ट नहीं है। विवि के 80 कर्मचारियों ने सुविधा का लाभ लिया था।
फरवरी 2016 में आरटीआई कार्यकर्ता संतोष ममगंाई ने गढ़वाल विवि में एलटीसी घोटाले का आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि वर्ष 2009 से 2013 तक की एलटीसी यात्राओं में करीब साढे़ सात लाख का घोटाला किया गया है। इसका लाभ विवि के 80 शिक्षक व कर्मचारी ने लिया था। जांच अधिकारी एसएसआई जितेंद्र चौहान ने कहा कि एलटीसी बिलों व एयर टिकटों की जांच की गई है। जांच में कुछ बिल व एयर टिकट संदिग्ध पाए गए हैं। इन्हें चिहिृृत कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही जांच पूरी कर निर्णयात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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>> क्या है एलटीसी घोटाला
श्रीनगर। केंद्रीय कर्मचारियों को चार वर्ष में एक बार भारत भ्रमण के लिए केंद्र सरकार की ओर से सुविधा मिलती है। जिसे लीव ट्रेंवल कसंसेशन (एलटीसी) कहते हैं। इसमें एयर टिकट इंडियन एयर लाइंस से खरीदने की बाध्यता होती है। साथ ही यह भी बाध्यता होती है कि टिकट एलटीसी- 80 के तहत खरीदे जाने चाहिए। आरोप है कि गढ़वाल विवि के कर्मचारियों व शिक्षकों ने साधारण एयर टिकट खरीदे और क्लेम एलटीसी-80 का किया। एलटीसी-80 का किराया साधारण किराए से लगभग दुगना होता है।