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आशा कार्यकत्रियों का तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू

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श्रीनगर/पौड़ी/कोटद्वार। अपनी पांच सूत्रीय मांगों के लिए आशा कार्यकत्रियों ने हुंकार भर दी है। श्रीनगर में जहां उन्होंने तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को धरना-प्रदर्शन शुरू किया वहीं, पौड़ी में उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। कोटद्वार में उनका 10वें दिन भी प्रदर्शन जारी रहा।
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आशा कार्यकत्रियों ने पांच सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई के लिए श्रीनगर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आशा कार्यकत्रियां 24 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। अपनी पांच सूत्रीय मांगें पूरी न होने से आक्रोशित आशा कार्यकत्रियों ने आंदोलन को और उग्र करने के लिए बृहस्पतिवार से तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को छठ पूजा का अवकाश होने के चलते आशा कार्यकत्रियों ने तहसील गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन की जिलाध्यक्ष सुमति थपलियाल ने कहा कि शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा जाएगा। नंदा चमोली, बसंती नेगी, रजनी रावत, देेवेश्वरी नेगी, सोना बिष्ट, कुसुम, इंदू, कांति देवी, कुसुमलता, सीता, नीता, कमला, माया देवी, आशा देवी आदि शामिल थे।
उधर, पौड़ी में आशा कार्यकत्रियों ने बृहस्पतिवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। सीएमओ को ज्ञापन देकर चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक वे आंदोलनरत रहेंगी। जिला आशा कार्यकत्री संगठन ने बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। धरने के दूसरे दिन भी सीएमओ को ज्ञापन भेजा गया। धरनास्थल हुई बैठक में संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष धनवंती जुयाल ने कहा कि आशाओं को समय पर मानदेय तक नहीं मिल रहा है और ऐसे में आशाएं आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं। धरने में सुमित्रा, कल्पेश्वरी, आरती, कविता, उषा, मालती रावत, नीमा, सरिता, शोभा, बबीता, सरोजनी, कल्पना, नीलम आदि बैठी।
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कोटद्वार में आशा कार्यकत्री यूनियन का धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को दसवें दिन भी जारी रहा। कोटद्वार तहसील में धरना-प्रदर्शन जारी रहा। आशाओं ने सरकार से न्यूनतम मानदेय और बोनस की गुहार लगाई। कहा कि आशाओं को न्यूनतम मानदेय के लिए आंदोलन की राह पकड़नी पड़ रही है। इस मौके पर आशा कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कहा कि दस दिन से आंदोलन कर रही आशाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
यूनियन अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां पूर्ण निष्ठा से अपने कर्तव्य का पालन कर रही हैं, लेकिन प्रदेश सरकार उन्हें न्यूनतम वेतनमान तक देने को तैयार नहीं है। यूनियन की कई कार्यकत्रियों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते उन्हें परिवार के भरण-पोषण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन में उपाध्यक्ष मीरा नेगी, सचिव रंजना कोटनाला, भागीरथी भंडारी, लक्ष्मी गुसाईं, नीलम कुकरेती, सुमित्रा भट्ट, कल्पना काला, आशा बहुखंडी, संजू नेगी, रेखा देवरानी, पुष्पा बड़थ्वाल, कुसुम रावत, पुष्पा देवी, मंजू देवी, दिक्का देवी, मनोरमा काला, अनीता काला, मीना देवी, कमला बलूनी, लक्ष्मी देवी, सोनी देवी, सुमित्रा पंत, पूनम डोभाल आदि मौजूद थे।
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