श्रीनगर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के ठेके लेने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाना एक ठेकेदार को भारी पड़ गया। ठेकेदार पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। ठेकेदार कोे अब एक साल तक पीएमजीएसवाई के ठेके नहीं मिलेंगे। यूआरआरडीए (उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण) मुख्यालय ने ठेकेदार को एक साल तक निविदा प्रक्रिया से वंचित करने के आदेश दिए हैं।
पीएमजीएसवाई के फेज 13 के तहत टिहरी जिले में मूल्याबैंड-सौंदी मोटर मार्ग स्वीकृत किया गया है। इसके लिए 7 जून को टेेंडर आमंत्रित किए गए थे। इसमें पुरोला (उत्तरकाशी) निवासी जनक सिंह रावत की निविदा न्यूनतम प्राप्त हुई। उक्त ठेकेदार ने अपने दस्तावेजों में हिमाचल के लोक निर्माण विभाग रोहड़ू का अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न किया था। जब यूआरआरडीए ने उसके अनुभव प्रमाण पत्र का सत्यापन करवाया, तो जानकारी मिली कि हिमाचल लोनिवि की ओर से संबंधित ठेकेदार को कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं कि या गया था।
यूआरआरडीए के मुख्य कार्याधिकारी डॉ राघव लंगर ने बताया कि पीएमजीएसवाई की नियमावली के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार को निविदा प्रक्रिया से अगले एक वर्ष के लिए वंचित (डिबार) कर दिया गया है। उन्होंने भविष्य में ऐसे मामले पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।