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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने भारत सरकार में रखा पक्ष

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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने संस्थान की कमियां दूर करने के लिए भारत सरकार से तीन माह का वक्त मांगा है। यदि एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) प्राचार्य की ओर से भारत सरकार को दिए गए जवाब से संतुष्ट हो गई, तो कालेज में छह विषयों में पीजी (एमएस/एमडी) कोर्स संचालन की उम्मीद बढ़ सकती है। एमसीआई या तो सीधे अनुमति दे देगी या दोबारा निरीक्षण कर सकती है।
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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज ने 14 विभागों में पीजी (एमडी/एमएस) के लिए एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) में आवेदन किया था। एमसीआई की टीम ने विगत मई माह में मेडिकल कालेज का दौरा करते हुए छह विषयों (फार्माकोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री, फीजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन और पैथोलॉजी) का प्री-पीजी एसेसमेंट करते हुए फैकल्टी और संसाधनों को परखा था। एमसीआई ने फैकल्टी व संसाधन की काफी कमियां पाते हुए संस्थान को कमियां दूर करने के भी निर्देश दिए थे। इसके बाद तीन अगस्त को टीम ने पुन: निरीक्षण किया था, लेकिन स्थितियां जस की तस मिलने पर एमसीआई ने अनुमति देने से इंकार कर दिया था।
अक्तूबर माह की शुरुआत में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र भेजकर तय समय में कमियां दूर करने का अनुरोध किया था। मंत्रालय ने उनको 25 अक्तूबर को व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए। बुधवार को भारत सरकार की कमेटी के समक्ष प्राचार्य ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कमेटी को बताया कि फैकल्टी की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की गई है। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट भी जल्द संचालित हो जाएगी। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के बाद सीटी स्कैन व अन्य उपकरण संबंधी समस्या भी दूर कर ली जाएगी। एमआईयू व सेंट्रल लैब की स्थापना भी हो जाएगी। उन्होंने कमेटी को भरोसा दिलाया कि तीन माह में सभी कमियां दूर कर ली जाएंगी।
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कोट------------
कमेटी के समक्ष सभी तथ्य रख दिए गए हैं। भारत सरकार और एमसीआई जो भी निर्देश देगी, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-प्रो. सीएम रावत, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज श्रीनगर
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