श्रीनगर। पांच सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई न होने पर आक्रोशित आशा कार्यकत्री संगठन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आशा कार्यकत्रियों ने मांगों पर कार्रवाई न होने हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है।
आशा कार्यकत्रियों ने राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने सहित पांच सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई के लिए मंगलवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संगठन की जिलाध्यक्ष सुमति थपलियाल ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां न्यूनतम वेतन 18 हजार किए जाने, 5 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि, आशा हेल्प डेस्क का भुगतान व राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने की मांग के लिए लंबे समय से आंदोलित हैं। लेकिन उन्हें हर बार केवल आश्वासन दिया जा रहा है। सरकार आशा कार्यकत्रियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। सुमति थपतियाल ने कहा उन्हें मजबूरन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। कार्यकत्रियों ने कहा कि हड़ताल के साथ ही वह 26 अक्टूबर से तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन भी करेंगी। आशा कार्यकत्रियों ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है। ज्ञापन सौंपने वालों में नंदा चमोली, बसंती नेगी, कुसुमलता आदि शामिल थे।