अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने टैक्स वसूली संतोषजनक नहीं होने पर राजस्व वसूली कर्मचारियों के पेच कसते हुए उन्हें सालाना 10 करोड़ रुपये के राजस्व (टैक्स) वसूली का लक्ष्य दिया है।
नगर आयुक्त ने तीनों कर अधीक्षकों और कर निरीक्षकों के साथ नगर निगम की कर वसूली की समीक्षा बैठक की। कर अधीक्षकों ने वर्तमान में नगर निगम की कर वसूली में पहले के मुकाबले बढ़ोतरी होने की जानकारी दी और बताया कि टैक्स वसूली लगभग पौने चार करोड़ पहुंच गई है। नगर आयुक्त ने इसे नाकाफी करार दिया। नगर निगम देहरादून का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहां 15 करोड़ की वसूली होती है इसलिए यहां कम से कम 10 करोड़ की वसूली तो होनी ही चाहिए। स्वकर नियमावली लागू होने के बाद के भवन स्वामियों को 2016-17 के बिल नहीं देने पर नगर आयुक्त खासे नाराज हुए। समीक्षा बैठक में यह बात स्वीकार की गई कि टैक्स विभाग का एक भी काम पूरा नहीं है। नगर आयुुक्त ने निर्देश दिया कि संपत्ति कर का डाटा प्राथमिकता के आधार पर कंप्यूटराइज कर भवन स्वामियों को समय पर बिल भेजें। समीक्षा बैठक में कर एवं राजस्व अधीक्षक सुनीता सक्सेना, रमेश सिंह रावत व राहुल कैंथोला शामिल हुए।
गायब रहने वाले नपेंगे
नगर आयुुक्त नितिन सिंह भदौरियां के संज्ञान में आया कि कुछ धनसंग्रहकर्ता सुबह 11 बजे आकर कुछ पैसा जमा कर चले जाते हैं और फिर पूरे दिन गायब रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा। इसका मतलब यह है कि लोग वसूली का पैसा अपने पास रखते हैं और अगले दिन आकर जमा कर गोल हो जाते हैं। उन्होंने ऐसे को कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
नए क्षेत्रों की संपत्तियों का होगा सर्वे
नगर निगम के परिसीमन विस्तार में नगर निगम में शामिल नए ग्रामीण क्षेत्रों की परिसंपत्तियों का सर्वे कराने का भी निर्णय लिया गया है। नगर आयुक्त ने नगर निगम के संपत्ति विभाग को तहसील के साथ मिलकर ग्राम समाज संपत्तियों, भूमि का रिकार्ड सुव्यवस्थित करने का निर्देश भी दिया है।