श्रीनगर। उत्तराखंड नदी बचाओ आंदोलन के संयोजक सुरेश भाई ने कहा कि महाकाली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना हिमालय की सबसे बड़ी अनदेखी है। सरकारें हिमालय दिवस के नाम पर गोष्ठियां तो करती हैं, लेकिन हिमालय के प्रति केंद्र व राज्य सरकारों में कोई संवेदनशीलता नहीं है।
रविवार को प्रकृति पर्यावरण संस्थान के कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सुरेश भाई ने कहा कि पंचेश्वर बांध जैसी बड़ी परियोजनाओं की जन सुनवाई मात्र सरकार केंद्रित रह गई है। जन सुनवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति व औपचारिकता निभाई जा रही है। जिस स्थान पर पंचेश्वर बांध का निर्माण किया जा रहा है, वह क्षेत्र भूस्खलन व आपदाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। गंगा की अविरलता की बात करने वाली सरकारें स्वयं गंगा की अविरलता के लिए रुकावट बन रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पिथौरागढ़ में किसी भी सूरत में पंचेश्वर बांध नहीं बनने दिया जाएगा। संस्थान की संयोजिका बीना चौधरी ने कहा कि सरकार लोगों को हिमालय से पलायन करने के लिए मजबूर कर रही है। पत्रकार वार्ता में डा. अरविंद दरमोड़ा, भोपाल चौधरी आदि मौजूद थे।