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अपने बोर्ड में भी विकास को तरस रहे भाजपा के पार्षद

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
वार्ड 19 के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। हरिद्वार शहर के महत्वपूर्ण वार्डों में शामिल होने के बावजूद यहां न तो सफाई व्यवस्था ठीक है, न पानी आता है। यहां तक कि वार्ड की कई कालोनियों में सीवर लाइन भी नहीं है। कई नाले गंदगी से पटे हैं। भाजपा का पार्षद और भाजपा का नगर निगम बोर्ड होने के बाद भी समस्याओं का अंबार लगा होना लोगों को निराश कर रहा है।
वार्ड नंबर 19 शहर के सबसे बड़े वार्डों में से एक है। इस वार्ड में सत्यम विहार, उत्तम बस्ती, रानी गली, श्रद्धापुरम , गंगा विहार, शिवनगर, भारतमाता पुरम, मस्तराम गली समेत 40 से ज्यादा कालोनियां आती हैं। इनमें अधिकतर कालोनियों में पानी की समस्या है। समस्याओं पर बात करें तो पिछले साढ़े चार साल में यहां कुछ नहीं बदला। पानी की समस्या जस की तस है। घरों में मोटर चलाने के बाद भी पानी नहीं आता है। सत्यम विहार, उत्तर बस्ती, भारत माता पुरम, रानी गली में सबसे अधिक पानी की समस्या रहती है। वार्ड की 40 कालोनियाें में से 20 में सीवर लाइन नहीं है। वार्ड की सड़कों की भी स्थिति बदतर बनी हुई है। रानीगली में एक ही सड़क दो बार धंस चुकी है, यह हाल तब है जबकि पार्षद का घर भी रानी गली में है। रानी गली, उत्तम बस्ती में पानी का लीकेज आए दिन होना तय है। इसकी वजह पुरानी और छोटी पाइप लाइन बताया जाता है। हालांकि पार्षद ने लाइन बदलवाने का प्रस्ताव अमृत योजना में रखा है, लेकिन अभी तक कोई काम शुरू नहीं हो पाया है।
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नहीं हो सका अस्पताल का निर्माण
वार्ड का ही नहीं उत्तरी हरिद्वार का सबसे बड़ा मुद्दा अस्पताल की मांग को लेकर रहा है। बोर्ड बैठक में पार्षद अनिल मिश्रा ने ही अस्पताल बनाने का प्रस्ताव रखा था। कांग्रेस के शासन काल तक काफी आंदोलन पार्षद की ओर से होते दिखाई दिए, लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद उन्होंने खामोशी ओढ़ ली। यहां तक की नगर निगम ने भूमि तो दे दी लेकिन भूमि से अतिक्रमण हटाकर नहीं दिया गया है। अब फाइल शासन में अटकी हुई है। पार्षद अनिल मिश्रा की मानें तो अस्पताल उनकी पहली प्राथमिकता है और अस्पताल के निर्माण के लिए उन्होंने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से भी बातचीत की है।

कहां तक वादे पर खरे उतरे पार्षद
पार्षद ने पानी की समस्या को लेकर कोई ठोस कदम उठाने, अस्पताल, बिजली की समस्या को दूर करने और 24 घंटे पानी देने के अलावा कई अन्य वादे चुनाव में किए थे। पानी की समस्या को लेकर कोई ठोस योजना दिखाई नहीं दे रही है। पार्षद अनिल मिश्रा दस साल से वार्ड का प्रतिनिधित्व करने के बाद भी क्षेत्र को कोई पहचान नहीं दिला पाए।


लोगों का कहना है
एक भी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है। पार्षद पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। पानी, सीवर, जलभराव समेत कई अन्य समस्याएं ऐसी हैं, जिस पर नगर निगम का ध्यान ही नहीं जा रहा है।
- आकाश भाटी

पानी समय पर नहीं आ रहा है। मोटर चलाने के बाद भी पानी नहीं आता है। सुबह और शाम को कुछ ही घंटों के लिए पानी आता है। उसमे ही घर का सारा काम करना पड़ता है।
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- सुनील व्यापारी

पार्षद का कहना है
अपनी ओर से वार्ड को विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया है। वार्ड की समस्या को लेकर आंदोलन भी किया। बोर्ड की बैठक में कई बार विकास का मुद्दा उठाया, लेकिन वार्ड में काफी काम कराने की जरूरत है। वार्ड की उपेक्षा की जा रही है। 17 करोड़ की लागत से शहर में सीवर लाइन डाली गई, लेकिन उनके वार्ड की एक भी कालोनी में सीवर लाइन नहीं डाली गई। - अलि मिश्रा, पार्षद
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