प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ मंदिर के बाहर जनसभा करने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उन पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा-‘नरेंद्र मोदी केदारनाथ आने वाले तीसरे प्रधानमंत्री हैं। उनके पूर्ववर्ती प्रधानमंत्रियों ने केदार बाबा का आशीर्वाद लिया, लेकिन कोई राजनीति की बात नहीं की, मोदी ने नई परंपरा शुरू कर दी। अब मंदिरों के दर्शन का अर्थ राजनीति होगा। वहां से राजनीतिज्ञ मंदिर के प्लेटफार्म का उपयोग राजनीतिक बातों को कहने के लिए करेंगे।’
उन्होंने पीएम के दौरे पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि केदारपुरी को भव्यतम बनाने के लिए पीएम ने क्या दिया, ये पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया। उनका दावा है कि केदारनाथ में पुनर्निर्माण के नाम पर पीएम से जो भी शिलान्यास कराए गए वह कोई नए नहीं हैं। घाट बनाने का काम पहले से चल रहा है। ध्यान केंद्र का तो वह पहले ही शिलान्यास कर चुके हैं। ऐसा कोई काम नहीं जिसका उन्होंने शिलान्यास नहीं किया। उन्होंने कहा कि पीएम तीसरी बार भी केदारनाथ आएं, मगर धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनीति करने के लिए नहीं होना चाहिए।
नया होता यदि पीएम ये करते
हरीश रावत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पीएम यदि रोपवे निर्माण के लिए पैसा दे जाते तो वह नया होता है। केदारपुरी से नीचे रामबाड़ा व सीतापुरी तक मंदाकिनी से हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए तटबंध कार्य स्वीकृत करते या केदारनाथ तक सड़क निर्माण के कार्य को मंजूरी देते तो वह नया कार्य होता।
किशोर बोले-मंदिर का उपयोग राजनीति के लिए किया
पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने केदारनाथ मंदिर का उपयोग राजनीति के लिए किया। एक स्वर में इसकी निंदा की जानी चाहिए।
- किशोर उपाध्याय, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का ट्वीट