देवाल। ट्राली से आवागमन में आए दिन हो रही दिक्कतों से परेशान ग्रामीणों ने पिंडर नदी के बोरागाड़ में लकड़ी का वैकल्पिक पुल तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार यहां आपदा के 4 साल बाद भी पुल का निर्माण नहीं कर पाई है। ऐेसे में ग्रामीण लंबे समय से लकड़ी के पुलों और ट्रालियों से जोखिम भरी आवाजाही के लिए मजबूर हैं।
वर्ष 2013 की आपदा में बोरागाड़ में पिंडर नदी पर बना झूला पुल बह गया था। इससे लिंगड़ी, ओडर, ऊणीबगड़, बजई, कफलखेत, हड़ाप, सैईपातल सहित कई गांव के ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया था। हालांकि विभाग ने यहां तब हस्तचालित और बाद में स्वचालित ट्रालियां लगाई, लेकिन आए दिन तकनीकी खराबी के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में परेशान ग्रामीणों ने पिछले शनिवार से नदी पर लकड़ी का वैकल्पिक पुल तैयार करने का काम शुरू किया है। लिंगड़ी गांव के प्रधान खिलापसिंह, नरेंद्र सिंह, खिलाप सिंह रावत, राजेंद्र सिंह, सहित अन्य का कहना है कि कई बार ट्रॉली खराब होने से आवागमन बंद हो जाता है, जिससे निपटने के लिए ग्रामीणों ने वैकल्पिक पुल बनाने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर विश्व बैंक डिवीजन गोपेश्वर के ईई मनोज भट्ट ने बताया कि बोरागाड़ में झूला पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जल्द ही यहां झूला पुल तैयार कर लिया जाएगा।