अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
धनतेरस और दीपावली के लिए बाजार पूरी तरह सज गए हैं। इस बार चाइना की लड़ियों के मुकाबले स्वदेशी लड़ियों की मांग ज्यादा है। गुजरात की झालरों को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। रंग बिरंगे फलोटिंग लाइटें भी घरों को रोशन करने के लिए उपलब्ध है।
हरिद्वार में ज्वालापुर पंचपुरी का सबसे प्रमुख बाजार है। यहां व्यापारियों ने पुल जटवाडा से लेकर सेक्टर दो तक दुकानों और बाजारों को रंग बिरंगी लाइटों और झालरों से दुल्हन की तरह सजाया हुआ है। नोटबंदी और जीएसटी की मार के बावजूद व्यापारी मंदी के दौर से उबरने का प्रयास कर रहे हैं। बाजार का हाल देखने पर पता चला कि इस बार चाइना निर्मित सामान को झटका लगा है। चाइना की झालरों के मुकाबले दिल्ली, गुजराज, महाराष्ट्र, बंगाल आदि राज्यों में निर्मित स्वेदशी लड़ियां लोगों की पसंद बन रहे हैं। 25 रुपये से लेकर 500 रुपये की कीमत वाली रेंज में उपलब्ध झालरें लोगों के घरों को दीपावली में सजाने के लिए उपलब्ध है। कटहरा बाजार और रेलवे रोड में स्थित दुकानों में गुजरात से आई रंग बिरंगी और विशेष साज सज्जा वाली झालरें लोगों को काफी लुभा रही है। रेलवे रोड के व्यापारी प्रवीण कुमार ने बताया कि चाइना की झालरों की अपेक्षा इस बार स्वदेशी झालर ज्यादा पंसद की जा रही है। गुजरात निर्मित झालरे 25 रुपये लेकर 500 रुपये तक में उपलब्ध है। सजावटी फूलों में भी भारतीय उत्पाद काफी पंसद किए जा रहे हैं। व्यापारी नेता विपिन गुप्ता और संजय कुमार के अनुसार 50 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक की रेंज में अलग- अलग अंदाज और बेहतर सजावट वाले गुलदस्ते और फूल आदि उपलब्ध हैं।
अभी तक ग्राहकों का टोटा
हरिद्वार। दुकानें सज तैयार हो गई हैं। हर तरफ दीपावली की रौनक छाई हुई है, लेकिन अभी तक ग्राहकों का आना शुरू नहीं हुआ है। बीते सालों तक धनतेरस से दो दिन पहले ही दीपावली की शोपिंग शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार अब तक ग्राहक नजर नहीं आ रहे है।
ज्वालापुर के व्यापारी राकेश मल्होत्रा ने बताया कि दुकानें स्टॉक से तो भरी हुई हें लेकिन ग्राहकों का इंतजार है। दीपक कुमार के अनुसार बाजारों में तीन दिन पहले से रौनक काफी बढ़ने लगी थी लेकिन इस बार सन्नाटा है। इसका प्रमुख कारण जीएसटी का लागू होना माना जा रहा है। धनतेरस को लेकर व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं। बाजार का सनटा टूटने की उम्मीद के साथ कारोबारी धनतेरस पर बाजार के चहकने की उम्मीदें लगाए हुए हैं।