अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
प्रकाश पर्व पर भी नगर निगम के कई क्षेत्रों में अंधेरा छाया रह सकता है। जिस फर्म को खराब लाइटें ठीक करानी थी, इसके लिए तैयार नहीं हैं। परेशान नगर निगम प्रशासन ने एलईडी लाइट्स की आपूर्ति करने वाली फर्म नाइस को खराब लाइटें ठीक नहीं कराने पर अंतिम नोटिस थमा दिया है। अब उसके विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई का ही रास्ता बचा है।
इस फर्म को एलईडी लाइट्स का ठेका देने को लेकर नगर निगम बोर्ड की बैठकों में कई बार हंगामा हो चुका है। भाजपा पार्षद कन्हैया खेवड़िया ने अधिकारियों पर यह सनसनीखेज आरोप लगाया था कि जिस फर्म को नगर निगम रुद्रपुुुर ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है उसको यहां ठेका भी दे दिया गया है। नगर निगम अधिकारी एक बार कराए गए ठेके पर ही लगातार उससे लाइटें मंगवा रहे हैं। इस फर्म की ओर से सप्लाई की गई लगभग 300 एलईडी लाइटें खराब हो चुकी हैं। अनुबंध के अनुसार फर्म को पांच साल तक लाइटों को ठीक भी कराना है। लेकिन तीन नोटिसों के बाद भी फर्म लाइटों को ठीक करने को नहीं आ रही है।
पथ-प्रकाश प्रभारी तथा कर एवं राजस्व अधीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि खराब एलईडी लाइट ठीक कराने के लिए नाइस को अंतिम नोटिस दे दिया गया है। इसके बाद अनुबंध का पालन नहीं करने पर उसके खिलाफ पुलिस कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जा सकती है। नगर आयुक्त को पूरी स्थिति से अवगत कराया जाएगा और उनका जो भी आदेश होगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारी नहीं चाहते फर्म आए
पथ-प्रकाश विभाग के सूत्रों के अनुसार कर्मचारी भी नहीं चाहते ही फर्म बंद लाइटों को ठीक करने के लिए अपना स्टाफ लाए। वह पुरानी परंपरा को बनाए रखना चाहते हैं। पुरानी परंपरा फिप्टी-फिप्टी वाली है। जिसके तहत बंद लाइटों को ठीक करने का मैटरियल तो अनुबंधकर्ता फर्म उपलब्ध कराती रही है और लाइटों को ठीक करने का काम नगर निगम के पथ-प्रकाश विभाग के कर्मचारी करते हैं। इससे फर्म का भी फायदा है और कर्मचारियों का भी। सूत्रों ने बताया कि अब भी फर्म ने कुछ सामान तो भेज दिया है, परंतु ठीक करने के लिए कर्मचारी नहीं भेजे हैं।
अपराधिक मामला दर्ज होगा
अनुबंध के अनुसार एलईडी लाइट्स आपूर्ति करने वाली फर्म अंतिम नोटिस के बाद भी खराब लाइटों को ठीक नहीं करा रही है तो उसके विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा। इसके साथ ही उसकी 25 लाख की धरोहर धनराशि जब्त कर फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। - नितिन सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त