जोशीमठ। हिमालय की प्रमुख चोटियों में एक नीलकंठ पर्वत को अमेरिकी पर्वतारोही दल ने फतह किया है। जोशीमठ पहुंचने पर टूर ऑपरेटर कंपनी की ओर से विदेशी पर्वतारोहियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। नीलकंठ की चोटी को पहली बार वर्ष 1974 में आईटीबीपी के पर्वतारोही सोनम पोल्गार, कन्हैया लाल, दलीप सिंह और नीरमा ने फतह किया था। इसके बाद वर्ष 1993, 2000 और 2001 में भी विभिन्न दलों ने नीलकंठ पर झंडा फहराया था।
11 सितंबर को अमेरिकी दल के सदस्य एनी गिलबर्ट, चेंटी लेस्टोजा एवं जेसन थॉमसन नेे नीलकंठ पर्वतारोहण शुरू किया था। उन्होंने 26 दिन में अपना अभियान पूरा किया। नीलकंठ पर्वत उच्च हिमालयी क्षेत्र में समुद्र तल से 6296 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। हिमालय श्रेणी के इस पर्वत को पर्वतारोहण के लिए सबसे कठिन माना जाता है। इस पर्वत को फतह करने के लिए अमेरिकी मूल के एनी गिलबर्ट, चेंटी लेस्टोजा एवं जेसन थॉमसन नेे आईबीईएक्स नई दिल्ली, स्थानीय टूर ऑपरेटर महावीर राणा के सहयोग से जोशीमठ से यात्रा शुरू की। 21 दिन के सफर के बाद दो अक्तूबर को पर्वतारोही दल 9 बजकर 45 मिनट पर नीलकंठ पर्वत को फतह करने में कामयाब हुआ। दल को 21 व 23 सितंबर को पर्वतारोहण के दौरान बर्फीले तूफान का सामना भी करना पड़ा।
हिमालय हाई एडवेंचर कंपनी के महावीर राणा ने बताया कि नीलकंठ की चोटी पर अल्पाइन स्टाइल में चढ़ने वाला यह पहला पर्वतारोही दल है। दल ने कठिन परिश्रम और मेहनत से चोटी को फतह किया है।