श्रीनगर। पुरानी पेंशन बहाली की मांग और नई पेंशन योजना (एनपीएस) के विरोध में शिक्षक/कर्मचारियों र्की बैठक हुई, जिसमें 15 अक्तूबर को देहरादून में रैली निकालने का निर्णय लिया गया।
रविवार को जीजीआईसी के सभागार में पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय अभियान के तहत बैठक संपन्न हुई। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि एनपीएस शिक्षक व कर्मचारियों के लिए छलावा है। कर्मियों ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट के समय एक निश्चित पेेंशन (अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत) की गारंटी है। जबकि एनपीएस में पेंशन कितनी मिलेगी, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेेंशन को राजकोष से दिया जाता है। जबकि नई पेंशन बीमा कंपनियां देंगी। एनपीएस में महंगाई भत्ते का प्रावधान नहीं है। कहा कि नई पेंशन योजना में पेंशनर्स को वेतन आयोगों का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन के जीपीएफ में टैक्स नहीं लगता है। एनपीएस में सकल आय पर टैक्स लगाया जा रहा है। शिक्षक-कर्मचारियों के साथ दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। इस अवसर पर केशर कोठियाल, डा. तपेंद्र बिष्ट, अतुल बिष्ट, अनीता रावत, मुकेश भट्ट, सुनील नेगी, जगमोहन कठैत, विनय, महावीर रावत, विपिन नौटियाल, हिमांशु पटवाल, सुधीर डंगवाल व नीरज नेगी आदि ने विचार रखे।