अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
अखिल भारतीय संत समिति उन संतों के खिलाफ आंदोलन चलाएगी जो कुंभ में मिलने वाली जमीन को हड़पने का प्रयास करेंगे। पिछले कुंभ में भी ऐसा हो चुका है। समिति ने कहा है कि कुंभ के लिए आवंटित जमीन मेला समाप्त होते ही शासन को लौटानी पड़ेगी। इस आशय का लिखित आश्वासन दिए बगैर भूमि का आवंटन किसी अखाड़े को नहीं होने दिया जाएगा।
गौरी शंकर गोशाला में पत्रकार वार्ता में संत समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबा हठयोगी दिगंबर ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले कुंभ में संतों ने ही काफी गलत काम किए गए हैं। बैरागी द्वीप पुराने जमाने से कुंभ मेले के लिए आरक्षित भूमि है। इस भूमि पर कैंप लगाने के लिए अखाड़ों को जमीन दी गई थी। बाद में अखाड़ों ने इस जमीन पर मंदिरों का निर्माण कर लिया और अब तक भी उन्हीं का कब्जा उस क्षेत्र पर बना हुआ है। आश्चर्य का विषय है कि सरकार के किसी भी विभाग में अवैध कब्जा करने वालों को कोई नोटिस तक नहीं दिया है। दिगंबर ने कहा कि अब पुन: अखाड़ा परिषद सरकार पर लगातार दबाव बना रही है कि कुंभ मेला शहर से बाहर ले जाया जाए। वहीं से जमातें निकले और गंगा स्नान के लिए जाएं। भूमि आवंटन से पहले अखाड़ों से गारंटी ली जाए कि मेला काल समाप्त होते ही इस क्षेत्र को सभी अखाड़े तत्काल खाली कर देंगे। ऐसा आश्वासन न मिला तो वर्ष 2021 के कुंभ के लिए अखिल भारतीय संत समिति नवसृजित मेला क्षेत्र में भूमि का आवंटन नहीं होने देगी। भले ही इसके लिए संत समिति को व्यापक आंदोलन छेड़ना पड़े।