अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
दस महीने से मानदेय नहीं मिलने पर ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर के स्ववित्त पोषित सीटों के एमडी प्रशिक्षुओं की हड़ताल गांधी जयंती पर भी जारी रही। कोई आश्वासन नहीं मिलने पर अब उन्होंने छह अक्तूबर से भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर में एमडी की 17 स्ववित्त पोषित सीटों पर एडमिशन है। इन स्ववित्त पोषित सीटों के छात्रों की फीस अन्य सीटों पर प्रवेश पाए छात्रों की फीस 1.65 लाख के मुकाबले में 2.65 लाख रुपये है और प्रवेश विवरणिका में ऐसा कोई उल्लेख नहीं था कि उन्हें मानदेय नहीं मिलेगा। अब एमडी के इन प्रशिक्षुओं को पढ़ने और प्रशिक्षण करते हुए दस महीने हो गए, लेकिन इनका मानदेय नहीं मिल सका है, जबकि इनके साथ प्रवेश पाए वित्त पोषित सीटों वाले प्रशिक्षुओं को लगातार मानदेय मिल रहा है। डा. प्रशांत मिन्हा ने बताया कि 25 सितंबर को धरने के दौरान कुलपति ने उन्हें बताया था कि एग्जिक्यूटिव कमेटी का अनुमोदन राज्यपाल से मिल गया है, लेकिन विश्वविद्यालय स्तर पर इसकी कोई जानकारी तक नहीं है। उन्होंने अब दस दिन हो गए है, लेकिन मानदेय पर आश्वासन नहीं मिल सका है, जिसके चलते हुए अब 6 अक्तूबर से वह भूख हड़ताल करेंगे। इस मौके पर डा. विशाल गांधी, डा. इस्पिता, डा. चेतन मंगवाल, डा. इंद्रजीत, डा. निधि, डा. ज्योत्सना, डा. सीमा, डा. रौनक, डा. यशपाल, डा. प्रशांत, डा. भानुप्रिया, डा. ऋतु आदि शामिल हुए।
जोगेंद्र मावी